Mangal ka singh Rashi mai Pravesh: मंगल का सिंह में प्रवेश ,क्या आने वाली है कोई बड़ी आफत?
Mangal ka singh Rashi mai Pravesh: 6 जून 2025 को मंगल का सिंह राशि में प्रवेश हुआ है। सामान्यतौर पर तो सिंह राशि में मंगल शुभ प्रभाव देता है क्योंकि यह मित्र ग्रह सूर्य की राशि है, किंतु मंगल के इस गोचर के कारण अन्य ग्रहों से इसकी जो युति और दृष्टि संबंध बन रहा है वह ठीक नहीं कहा जा सकता। इसका व्यापक प्रभाव राजनीति और देशों की स्थितियों पर पड़ने वाला है।
सिंह राशि के मंगल की युति केतु से हो रही है क्योंकि केतु सिंह राशि में ही गोचर कर रहा है। दूसरा यह कि राहु के साथ मंगल का प्रतियोग बन रहा है। सीधी दृष्टि संबंध बन रहा है, जो शुभ नहीं कहा जा सकता। दृष्टि संबंध से अंगारक योग बन रहा है। तीसरा यह कि, मंगल का शनि के साथ षडाष्टक योग बन रहा है। ये तीनों ही स्थितियां ठीक नहीं कही जा सकती।

क्या होगा प्रभाव (Mangal ka singh Rashi mai Pravesh)
मंगल की केतु से युति, राहु से प्रतियोग और शनि से षडाष्टक के कारण विग्रह, युद्धभय, हिंसक प्रदर्शन, अग्निभय, भूकंप, तूफान एवं आणविक शस्त्रास्त्रों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। यह तीनों युतियां 6 जून से 28 जुलाई तक रहेंगी।
मंगल-केतु युति का प्रभाव (Mangal ka singh Rashi mai Praves)
सिंह राशि में मंगल और केतु की युति 28 जुलाई तक रहेगी। दोनों ही उग्र ग्रह हैं और दोनों का एक ही राशि में आना विस्फोटक स्थिति बनाएगा। अनेक देशों के बीच भीषण युद्ध होगा और इनमें आणविक अस्त्रों का प्रयोग भी हो सकता है। जिन देशों में पहले से युद्ध चल रहा है वहां नए-नए तकनीक वाले युद्धास्त्रों का प्रयोग हो सकता है, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती है। मंगल केतु की युति से एक प्रकार का अंगारक योग भी बनता है, जिससे भीषण अग्निभय, भूकंप, भीषण तूफान से जनहानि की आशंका रहेगी। कुछ देशों में सत्ता परिवर्तन, सेना का देश पर कब्जा जैसी स्थितियां भी बनती दिख रही हैं।
मंगल का राहु से प्रतियोग (Mangal ka singh Rashi mai Pravesh)
सिंह राशि के मंगल का कुंभ राशि के राहु के साथ सीधा सप्तम दृष्टि संबंध बन रहा है। दृष्टि संबंध से भी अंगारक योग बन रहा है। यह स्थिति भी खतरनाक कही जा सकती है। प्राकृतिक आपदाओं में बड़ी जनहानि का संकेत मिल रहा है। विमान या ट्रेन दुर्घटना की स्थिति, भूस्खलन, अतिवृष्टि की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी त्रासदी आ सकती है। यह समय अत्यंत अस्थिरता वाला रहेगा। भारत-पाकिस्तान में एक बार फिर तनाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही भारत का बांग्लादेश के साथ भी टकराव हो सकता है।
मंगल का शनि से षडाष्टक योग (Mangal ka singh Rashi mai Pravesh)
सिंह राशि के मंगल का मीन राशि के साथ छठा-आठवां दृष्टि संबंध अर्थात् षडाष्टक योग बन रहा है। यह योग अत्यंत भीषण सैन्य टकराव का संकेत दे रहा है। युद्धरत देशों के बीच संघर्ष बढ़ेगा। रूस-यूक्रेन युद्ध में भारी जनहानि की आशंका है। इन देशों के बीच अब तक के सबसे बड़े हमले की आशंका रहेगी। परणाणु टकराव भी हो सकता है। आतंकवादी घटनाएं हो सकती हैं। अमेरिका चीन के बीच बड़ी डील होगी जिससे विश्व खतरे में रहेगा। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाएं, खदान दुर्घटनाएं, वायुयान, ट्रेन हादसे होने की आशंका है। शनि का संबंध महामारी से भी है इसलिए विश्व में किसी बड़ी महामारी के सिर उठाने के संकेत भी हैं।












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