Magh month 2023: माघ मास के दूसरे ही दिन आया रवि पुष्य योग, जानिए खास बातें
पुष्य नक्षत्र 7 जनवरी को रात्रि में 3 बजकर 9 मिनट पर प्रारंभ होगा और अगले दिन अर्थात् 8 जनवरी को मध्यरात्रि के बाद और 9 जनवरी को सूर्योदय पूर्व प्रात: 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।

Magh month 2023: संवत 2079 का पवित्र माघ मास 7 जनवरी शनिवार को प्रारंभ हो रहा है और इसके दूसरे ही दिन परम पुण्यदायी और समस्त कार्यो में सफलता दिलाने वाला रवि पुष्य योग बन रहा है। यह योग 22 घंटे 53 मिनट रहने वाला है। कार्यो की सिद्धि, धन प्राप्ति, वैवाहिक बाधाएं दूर करने, संतान सुख की प्राप्ति जैसे अनेक कार्यो के लिए इस विशेष योग में कुछ उपाय करें, तुरंत लाभ प्राप्त होगा। विशेष बात यह है कि इस माघ मास के अंतिम दिन 5 फरवरी को भी रवि पुष्य का संयोग बनेगा।
पुष्य नक्षत्र 7 जनवरी को रात्रि में 3 बजकर 9 मिनट पर प्रारंभ होगा और अगले दिन अर्थात् 8 जनवरी को मध्यरात्रि के बाद और 9 जनवरी को सूर्योदय पूर्व प्रात: 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। अर्थात् कुल 22 घंटे 53 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा स्वराशि कर्क में रहने से इस योग को विशेष बल मिलेगा।
क्या करें विशेष उपाय
धन प्राप्ति के लिए
रवि पुष्य का संयोग समृद्धि और वैभव में वृद्धि करता है। इस विशेष योग में स्वर्ण खरीदना अत्यंत शुभ होता है। योग के प्रभाव से उस खरीदे गए स्वर्ण में लगातार वृद्धि होती रहती है। यदि स्वर्ण नहीं खरीद पा रहे हैं तो कोई बात नहीं, घर में जो भी स्वर्ण रखा हो, स्वर्ण के आभूषण रखे हों, उनका हल्दी और चंदन से पूजन करें। धूप-दीप करके इन्हें पीले कपड़े में ही बांधकर पुन: तिजोरी आदि सुरक्षित स्थान पर रख दें।
धन की आवक बढ़ाने के लिए
रवि पुष्य के संयोग में पारद का श्रीयंत्र लेकर आएं। कच्चे दूध और फिर गंगाजल से इसे स्नान करवाकर लाल रेशमी कपड़े पर पूजा घर में स्थापित करें। श्रीयंत्र पर केसर का तिलक करें। मिश्री और मिष्ठान्न कर नैवेद्य लगाएं और श्रीसूक्त के 21 पाठ करें। इस प्रयोग से शीघ्र ही आपके यहां धन की आवक बढ़ने लगेगी। वर्तमान में जो भी कार्य चल रहे होंगे उनमें उन्नति होगी, वे गति पकड़ेंगे।
शीघ्र विवाह हेतु
जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है। लाख प्रयासों के बाद भी विवाह की बात पक्की नहीं हो पा रही है। वे युवक-युवतियां रवि पुष्य संयोग में शुभ चौघड़िया देखकर केले के पेड़ की जड़ खोद लाएं। इसे गंगाजल से धोकर पीले कपड़े पर रखें और शिवजी व माता पार्वती का पूजन करें। शिवजी से अपने विवाह की कामना कहें। फिर इसे पीले कपड़े में ही बांधकर अपने पास रख लें। इसे दाहिनी भुजा में बांधा जा सकता है या चांदी के ताबीज में भरकर गले में पहनें। विवाह की बाधा दूर होगी।
संतान प्राप्ति के लिए
जिन लोगों को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है। वे दंपती रवि पुष्य के संयोग में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करें। श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार करें, उन्हें पीतांबर पहनाएं, पीले पुष्प अर्पित करें और बेसन या बूंदी के लड्डू का नैवेद्य लगाएं। इसके बाद संतान गोपाल मंत्र का पाठ करें।












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