Lok Sabha Elections 2024: क्या राहुल गांधी बनेंगे PM? क्या कहती है कुंडली?
Rahul Gandhi: राहुल गांधी भारतीय राजनीति के ख्यात नेता हैं और कांग्रेस की ओर को प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव होना है और कांग्रेस ने अनेक राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करके केंद्र की भाजपा सरकार को परास्त करने का मिशन चलाया हुआ है।

राहुल गांधी साल 2023 में भारत जोड़ो यात्रा भी कर चुके हैं।/हालांकि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपनी सरकार गंवा दी, लेकिन फिर भी राहुल गांधी को पूरा विश्वास है कि वे 2024 में नरेंद्र मोदी की कुर्सी हथिया लेंगे।
बहरहाल राजनीति में कुछ ठोस नहीं कहा जा सकता कि ऊंट किस करवट बैठता है लेकिन हम ज्योतिष के आधार पर राहुल गांधी की कुंडली बनाकर उसका विश्वलेषण करके जानने का प्रयास करेंगे कि क्या वे प्रधानमंत्री पर पर आसीन होंगे या इस बार भी उन्हें विपक्ष में बैठना पड़ेगा।
19 जून 1970 को दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर जन्म
राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर नई दिल्ली में हुआ है। इस जन्म समयानुसार उनका जन्म 2 डिग्री के तुला लग्न में हुआ है जिसका स्वामी शुक्र है।
राहु की महादशा में बृहस्पति की अंतरदशा चल रही
राशि धनु आ रही है जिसका स्वामी बृहस्पति है और जन्म के समय केतु की महादशा थी। वर्तमान में इन्हें राहु की महादशा में बृहस्पति की अंतरदशा चल रही है जो 21 जून 2024 तक रहेगी।
सत्ता, राजनीति और राजकाज
इसके बाद शनि की अंतरदशा प्रारंभ होगी। लग्नेश दशम भाव में चंद्र की राशि कर्क में स्थित है और राशेस बृहस्पति लग्नस्थ है। सत्ता, राजनीति और राजकाज के प्रतिनिधि ग्रह राहु और शनि की स्थिति इनकी कुंडली में उचित नहीं कही जा सकती। शनि सप्तम में नीच राशि में बैठकर सीधे लग्न को प्रभावित कर रहा है।
सत्ता सुख से अब तक वंचित
यही शनि इनके अब तक विवाह नहीं होने का कारण भी बना हुआ है। बृहस्पति और शनि की एक-दूसरे पर सीधी और पूर्ण दृष्टि होने के कारण द्वंद्व योग बन रहा है जो इन्हें सत्ता सुख से अब तक वंचित किए हुए हैं।
कुंडली में ग्रहों की स्थिति
तुला लग्न में बृहस्पति, तृतीय में चंद्र, पंचम में राहु, सप्तम शनि, अष्टम में बुध, नवम में सूर्य और अस्त मंगल, दशम में शुक्र, एकादश में केतु स्थित है।
केमद्रुम योग से नहीं मिल रही सफलता
राहुल गांधी की कुंडली में तृतीय स्थान में चंद्रमा अकेला बैठा हुआ है और उसके आगे-पीछे के घरों में कोई ग्रह नहीं होने के कारण यहां केमद्रुम योग बना हुआ है। यही योग इनकी असफलताओं का कारण बना हुआ है। केमद्रुम योग और बृहस्पति पर नीच शनि की दृष्टि इन्हें अब तक सत्ता सुख से दूर किए हुए है।
अष्टम बुध से वाणी अप्रभावी
राहुल गांधी की कुंडली में बुध अष्टम स्थान में बैठा हुआ है और सप्तम में शनि और नवम में सूर्य-मंगल से घिरा हुआ है। आसपास के घरों में पाप ग्रह होने के कारण बुध निस्तेज हो गया है।
इनकी वाणी किसी को प्रभावित नहीं कर पा रही
बुध वाणी का ग्रह है, इसलिए इनकी वाणी किसी को प्रभावित नहीं कर पा रही है और ये अपनी बात ठीक से जनता के समझ रख नहीं पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री बनने के योग दिखाई नहीं दे रहे
वर्ष 2024 की बात करें तो इस बार के लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के योग दिखाई नहीं दे रहे हैं। 2024 में जून तक तो इन्हें राहु में बृहस्पति की अंतरदशा है उसके बाद बृहस्पति में शनि की अंतरदशा प्रारंभ होगी जो सत्ता से दूर रखेगी।
राहुल गांधी पहले से दिखेंगे दमदार
2029 के लोकसभा चुनाव में जरूर राहुल गांधी अपना दम दिखा सकते हैं और कुर्सी के करीब पहुंच सकते हैं। हालांकि 2024 के चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा सीटें मिलने की स्थिति दिखाई दे रही है।












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