Kundali DOSH: क्या आपकी कुंडली में सूर्य मृतावस्था में है? अगर हां तो तुरंत करें ये काम
Kundali DOSH News: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है और कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत अवस्था में है तो अन्य ग्रहों का प्रभाव भी नहीं मिल पाता है।
कुंडली में ग्रहों की चार अवस्था होती है किशोरावस्था, युवावस्था, वृद्धावस्था और मृतावस्था। कुंडली में ग्रह जब 3 से 9 अंश होता है तो वह किशोरावस्था में होता है, कुछ विद्वान इसे बाल्यावस्था भी कहते हैं।

ग्रह जब 10 से 22 अंश होता है तो वह युवावस्था में होता है। ग्रह जब 23 से 28 अंश होता है तो वृद्धावस्था में होता है और ग्रह जब अंतिम दो अंश 29-30 अंश और प्रथम दो अंश 1 से 2 अंश हो तो इसे मृतावस्था कहा जाता है।
हम यहां केवल सूर्य की बात करते हैं। किसी जातक की कुंडली में जब सूर्य 29-30 या 1-2 अंश का होता है तो वह मृतावस्था में होता है। ऐसा ग्रह कोई फल नहीं दे पाता। और यदि सूर्य अपनी नीच राशि तुला में है तब तो और भी शुभ फल नहीं मिलते। सूर्य को मजबूत बनाने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय किए जाते हैं जिनकी चर्चा हम आज यहां करने जा रहे हैं।
सूर्य को मजबूत बनाने का उपाय
सूर्य को मजबूत बनाने के लिए एक विशिष्ट वैदिक उपाय सभी को करना चाहिए। जिन लोगों की कुंडली सूर्य वृद्धावस्था में है उन्हें भी इससे जुड़ा उपाय अवश्य करना चाहिए। किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार से प्रारंभ करके उसी शुक्ल पक्ष के अंतिम रविवार तक प्रत्येक रविवार यह उपाय करना होगा। प्रत्येक दिन सूर्योदय से पूर्व उठें, स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ लाल वस्त्र पहनें। इसके बाद एक तांबे के कलश में शुद्ध जल भरें, इसमें लाल चंदन का पाउडर डालें, एक लाल पुष्प डालें, इसे पूर्वाभिमुख होकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
लड्डुओं में से आधे लाल गाय को खिला दें
इसके बाद सवा किलो गुड़ और सवा किलो गेहूं लेकर दोनों को अच्छे से मिश्रण बना लें और इसके 30 लड्डू बना लें। इन लड्डुओं में से आधे लाल गाय को खिला दें और आधे लड्डू किसी जल स्रोत में डाल दें। यह जल स्रोत कोई नदी, तालाब या कुआं, बावड़ी होना चाहिए। एक बात का ध्यान रखें यह उपाय आपको प्रात: 8 से 10 बजे के बीच कर लेना होगा।












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