जानिए शिव प्रिय, सौम्य व मादक वनस्पति भांग के कारगर उपाय

लखनऊ। यह शिव प्रिय, सौम्य व मादक वनस्पति है, इसे विजया भी कहते है। यदि खान-पान की उचित व्यवस्था हो तभी इसका सेंवन करना ठीक रहता है। यदि भांग में मुनक्का, सौंफ, बादाम, काली मिर्च, गुलाब, केसर, शक्कर आदि का मिश्रण करके लिया जाये तो यह बहुत ही गुणकारी है। इससे स्मरण शक्ति व कल्पना शक्ति का विकास होता है।शारीरिक कांति, सौन्दर्य पूर्ण पुष्ट शरीर प्राप्त करने, मानसिक तनाव को दूर करने, शरीर को बलिष्ठ करने, नेत्र रोग, कब्ज रोग, स्नायु तन्त्र, वात व तथा रक्त दोष दूर करना, तन-मन को स्वस्थ्य करके ध्यान करने में हितकारी होती है।

आइये जानते शिव की प्रिय भांग के और क्या-क्या लाभ हैं...

भांग से अजीर्ण रोग दूर हो जाता है

भांग से अजीर्ण रोग दूर हो जाता है

  • तेजस्विता-भांग को यदि दूध के साथ सेंवन किया जाए तो शरीर में तेज बढ़ता है और नेत्र रोग दूर होते है।
  • अजीर्ण रोग में-यदि भांग को जल में पीसकर छानकर सेंवन किया जाये तो अजीर्ण रोग दूर हो जाता है।
  • वाक्-चातुर्यता- भांग को अगर गाय के घी के साथ सेंवन किया जाये तो वाक्-चातुर्यता में वृद्धि होती है।
  • कफ-दोष और अम्ल पित निवारण

    कफ-दोष और अम्ल पित निवारण

    • कफ-दोष निवारण-अगर भांग को शहद के साथ सेंवन किया जाये तो कफ दोष की निवृत्ति हो जाती है। सेंधा नमक के साथ भांग का सेंवन करने से जठराग्नि प्रबल होती है।
    • अम्ल पित-गुड़ के साथ भांग का सेंवन करने से शूल पीड़ा व अम्ल पित का क्षय होता है।
    • शारीरिक कांति व सौन्दर्य देता है भांग

      शारीरिक कांति व सौन्दर्य देता है भांग

      • जेठ महीने में प्रातः सूर्योदय के पूर्व ही उपरोक्त विधि से नित्य भांग का सेंवन किया जाए तो शारीरिक कांति व सौन्दर्य में वृद्धि होती है।
      • अषाढ़ के महीने भांग का सेंवन करने से बाल मजबूत होकर खूबसूरत हो जाते है। इस महीने में भांग का सेंवन चूर्ण के रूप में करना चाहिए।
      • माघ के महीने में नागरमोथा की जड़ के चूर्ण में भांग का चूर्ण मिलाकर सेंवन करने से शरीर पुष्ट होकर कांतिवान होता है।
      • शरीर का सम्पूर्ण नाड़ीजाल {स्नायु तन्त्र} सही करता है भांग

        शरीर का सम्पूर्ण नाड़ीजाल {स्नायु तन्त्र} सही करता है भांग

        • फाल्गुन के पूरे महीने में आंवले के चूर्ण अथवा रस के ससथ भांग का सेंवन करने से शरीर का सम्पूर्ण नाड़ीजाल {स्नायु तन्त्र} सतेज हो जाता है। वात और रक्त के लगभग समस्त अवरोध दूर हो जाते हैं। इस प्रकार व्यक्ति में अद्धभुत स्फूर्ति आ जाती है। शरीक की सक्रियता और गतिशीलता बढ़ाने में यह प्रयोग कारगर सिद्ध होता है।
        • सवन में शिवलिंगी के बीज और भांग को घोंटकर पीने से शारारिक शक्ति में वृद्धि होती है।
        • भांग शिव को प्रिय है-भोले बाबा को भांग बहुत प्रिय है। जब आप उन्हें भांग चढ़ाते है तो वह मस्ती में झूमने लगते है और फिर आप उनके समझ कोई भी मनोकामना रखेंगे तो अवश्य पूरी होगी।

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