रूद्राक्ष और पारद का कॉम्बिनेशन जीवन में देता है ऊंचाइयां
नई दिल्ली। रूद्राक्ष और पारद से हर व्यक्ति परिचित है। ये दोनों ही पदार्थ भगवान शिव को परम प्रिय है। इनमें साक्षात शिव का वास माना गया है। इसलिए जहां ये दोनों पदार्थ होते हैं वहां पूर्ण शिवकृपा होती है। इन्हें अलग-अलग धारण करना जितना लाभदायक होता है उससे कई गुना ज्यादा दोनों को साथ में धारण करना फायदेमंद होता है। यदि आप जीवन में भौतिक और आध्यात्मिक उन्न्ति चाहते हैं तो रूद्र-पारद माला सिर्फ आपके लिए ही है। ये 108 बीजों वाली माला होती है जिनमें 54 बीज रूद्राक्ष के और 43 बीज पारद के होते हैं। दोनों से मिलकर बनी माला पर शिव, विष्णु और लक्ष्मी का आधिपत्य हो जाता है।

होली, शिवरात्रि, प्रदोष में पहनें
रूद्र-पारद माला को वैसे तो किसी भी दिन शुभ चौघड़िया देखकर धारण किया जा सकता है लेकिन इसके लिए वर्ष में कुछ विशेष दिन निर्धारित हैं जिनमें इसे धारण करने से अनंत गुना फल प्राप्त होता है। ये सिद्ध दिन हैं होली, दीपावली, नवरात्रि, शिवरात्रि, प्रदोष और अक्षय तृतीया। इन दिनों में माला को गंगाजल से स्नान करवाकर शिवजी के चरणों में रखें और धारण कर लें।

रूद्र-पारद के लाभ
- पारद प्राकृतिक रूप से चार्ज की हुई धातु है। पारद का सबसे अच्छा स्वरूप माला के रूप में माना जाता है क्योंकि इसे शरीर से स्पर्श करते हुए धारण करना आसान और सुरक्षित होता है। इसके साथ रूद्राक्ष का कॉम्बिनेशन इसकी शक्ति डबल कर देता है। इसे पहनने से व्यक्ति में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक बदलाव होता है।
- रूद्र-पारद माला पहनने वाले व्यक्ति के आसपास नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती। उसके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का एक ऐसा आभामंडल तैयार होता है जो उसे ऊंचाईयों तक पहुंचने में मदद करता है।
- इसे पहनने वाले व्यक्ति पर किसी प्रकार की तांत्रिक क्रियाओं का असर नहीं होता। बुरी नजर, बुरी शक्तियों से पारद रक्षा करता है।

लाभदायक होता है रूद्र-पारद माला पहनना
- रूद्र-पारद माला पहनने से बहुत की बीमारियों से रक्षा होती है। मानसिक रोग दूर होते हैं। यह दिमाग के दाएं और बाएं दोनों भागों को विकसित करके उनमें संतुलन स्थापित करता है।
- ज्योतिषीय दृष्टि से भी रूद्र-पारद माला पहनना काफी लाभदायक होता है। जिस घर में पारद माला होती है वहां साक्षात लक्ष्मी का वास होता है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- रूद्र-पारद माला पहनने से रोगों का नाश होता है। बड़ी से बड़ी बीमारी भी कम हो जाती है।
यह भी पढ़ें- Holi 2019: रंग खेलने से पहले जरूर जानिए होली के बारे में ये दिलचस्प बातें












Click it and Unblock the Notifications