Chandra Grahan 2025 Effect: आज शनि की राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण, इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत
Chandra Grahan 2025 Effect Hindi: साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण 8 दिसंबर रात 1 बजकर 26 मिनट तक रहेगा और भारत में दिखाई देगा, आपको बता दें कि ये ग्रहण शनि की कुंभ राशि में लगा जिसके कारण लोगों के मन में काफी सवाल थे कि कहीं ये हमारे लिए बुरा या विनाशकारी तो नहीं क्योंकि वैसे भी ज्योतिष के हिसाब से ग्रहण अशुभ होता है, जिसका निगेटिव प्रभाव लोगों के जीवन पर पड़ता है।
तो आपको बता दें कि शनिदेव न्याय के देव हैं इसलिए वो अगर दंड देते हैं तो वो पुरस्कार भी प्रभावित करते हैं, ऐसे में भयभीत होने की जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि वैसे ये ग्रहण चार राशियों के लिए अच्छा है और वो चार राशियां हैं मेष, धनु, कन्या और वृषभ।

इन सभी को मानसिक कष्ट और तनाव मिल सकता है, ये सभी पारिवारिक कलह झेल सकते हैं तो वहीं इन पर आर्थिक कष्ट भी आ सकता है लेकिन अगर इस राशि के लोग शनिदेव की पूजा मन से करेंगे तो इनका कष्ट कम हो सकता है।
मेष, धनु, कन्या और वृषभ राशि वालों के लिए लाभकारी Chandra Grahan 2025
इस बारे में बात करते हुए साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा कि 'यह चंद्रग्रहण सामाजिक मतभेद और युद्ध जैसी स्थिति पैदा करेगा लेकिन यह चार राशियों मेष, धनु, कन्या और वृषभ राशि वालों के लिए लाभकारी रहेगा। बाकी राशि वालों के लिए इसका अच्छा प्रभाव नहीं होगा, पश्चिमी देशों में भूकंप के हालात बनेंगे। भगवान के भजन गाने से ग्रहों की स्थिति का प्रभाव कम हो सकता है। खासकर लक्ष्मी मंत्रों का जाप करना चाहिए।'
चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को लगता है (Chandra Grahan 2025 news)
वैसे ग्रहण पूर्णिमा को लग रहा है जो की शीतलता का मानक है इसलिए ये सभी राशियों को परेशान नहीं करेगा। चंद्र ग्रहण और पूर्णिमा दोनों ही प्राकृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाएं हैं। जहां पूर्णिमा समृद्धि, शांति और ऊर्जा का प्रतीक है, तो वहीं चंद्र ग्रहण आत्मचिंतन, साधना और संयम का समय होता है।
ध्यान, साधना और मंत्र जाप का श्रेष्ठ समय है पूर्णिमा (Chandra Grahan 2025 news)
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण आभा और प्रकाश के साथ आकाश में दिखाई देता है जो कि ध्यान, साधना और मंत्र जाप का श्रेष्ठ समय माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई साधना शीघ्र फल देती है, हालांकि इस दिन ग्रहण लगने के कारण पूजा पाठ वर्जित है लेकिन आप मन से पूजा करके भय मुक्त हो सकते हैं इसलिए ग्रहण खत्म होने के बाद चांद की आरती जरूर करें इससे समस्त परेशानियों से आपको छुटकारा मिलेगा।
चंद्रदेव की आरती ( Chandradev Aarti)
- ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
- दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी ।
- रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी ।
- दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी ।
- जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
- सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि ।
- योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें ।
- ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा ।
- वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी ।
- प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी ।
- शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी ।
- धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे ।
- विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी ।
- सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें ।
- ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार की राय जरूर लें।












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