Chandra Grahan 2023: कुंवारों के लिए अच्छा नहीं होता चंद्र ग्रहण, गर्भवती महिलाएं भी ना करें ये काम
Chandra Grahan and Pregnant Women: इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 28-29 अक्टूबर को लगेगा। ये ग्रहण भारत में नजर आएगा और इसी वजह से इसका सूतक काल मान्य है।

ग्रहण वैसे तो खगोलीय घटना है जो कि हर साल होती है लेकिन वैदिक धर्म में ग्रहण को लोगों के लिए अच्छा नहीं मानते हैं, खासकर के गर्भवती महिलाओं और कुंवारे लोगों के लिए, इसलिए इन लोगों को ग्रहणकाल में सावधानी बरतनी चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों अच्छा नहीं होता है ग्रहण?
ग्रहणकाल के दौरान माना जाता है कि कुछ घातक किरणें निकलती हैं, जिसका नकारात्मक असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। इसी कारण प्रेग्नेंट महिलाओं को ग्रहण के दौरान सावधानी रखने को बोला जाता है। कहते हैं कि ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को कैंची या चाकू प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से होने वाला बच्चे के कान-नाक कट जाते हैं।
महिलाएं अगर खुद को थकाएंगी तो...
हालांकि आज तक ये सिद्ध नहीं हो पाया है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि ये काम महिलाओं को थका देते हैं इसलिए ग्रहणकाल में गर्भवती स्त्रियों को ये काम करने से रोका जाता है क्योंकि इस वक्त वातावरण में पहले से ही ऊर्जा की कमी होती है, ऐसे में ये सब काम करके महिलाएं अगर खुद को थकाएंगी तो ये होने वाले बच्चे के लिए अच्छा नहीं होता है।
तब क्या करें गर्भवती महिलाएं?
गर्भवती महिलाएं खुद को शांत, खुश और संयमित रखें। पानी का सेवन लगातार करें और ईश्वर का ध्यान करें।
कुंवारों को लिए अच्छा नहीं होता ग्रहण?
माना जाता है कि चांद का दीदार कुंवारों के लिए भी अच्छा नहीं होता है क्योंकि चांद को श्राप मिला था पत्नियों के वियोग का, इसी कारण माना जाता है कि कुंवारे लोग अगर चांद देंखे तो उनकी शादी में अड़चन आती है या फिर शादी के बाद उनका वैवाहिक संबंध अच्छा नहीं रहता है और इसी वजह से कुंवारों को ग्रहणकाल में सावधान रहने को बोला जाता है।
कब और कितने बजे लगेगा ग्रहण?
शनिवार-रविवार की रात में चंद्र ग्रहण लगेगा, चंद्र ग्रहण भारत में रात 11.30 बजे से आरंभ होगा और 29 अक्टूबर की रात 02 बजकर 24 मिनट पर खत्म होगा और 28 अक्टूबर को दोपहर 02:52 बजे सूतक काल प्रारंभ होगा।












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