Kundali Bhagya: लग्न से जानिए किस वर्ष में होगा भाग्योदय
नई
दिल्ली। एक बहुत प्रसिद्ध कहावत है, समय से पहले और भाग्य से अधिक किसी को कुछ नहीं मिलता। यानी जब वक्त आएगा तभी आपको वो सब मिलेगा जो आप चाहते हैं। उससे पहले जीवन सामान्य चलता रहता है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि आप मेहनत करना छोड़ दें। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने भाग्यवादी बनने की बजाय कर्मवादी बनने पर जोर दिया है। यह पूर्णतः सत्य है। कर्म करने से ही भाग्य खुलता है, लेकिन क्या आप जानते हैं आपका भाग्य कब खुलेगा। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
भाग्योदय
इसका जवाब ज्योतिष देता है। बेशक आप कर्म करते रहें, लेकिन आप जीवन में सारे सुख, भोग, ऐश्वर्य तभी हासिल कर पाएंगे जब आपका भाग्योदय होगा। भाग्य खुलते ही आपके जो काम अब तक धीमी गति से हो रहे थे वे फटाफट होने लगेंगे। जीवन में समस्त सुख प्राप्त हो जाएंगे। धन, संपत्ति, भोग विलास के साधन मिल जाएंगे।

जन्म कुंडली
भाग्योदय कब होगा यह जातक की जन्म कुंडली के लग्न स्थान यानी प्रथम भाव को देखकर बताया जा सकता है। मेष से लेकर मीन तक 12 लग्न होते हैं। इनमें से प्रत्येक के लिए भाग्योदय के वर्ष तय हैं। जो लग्न होगा उसी के अनुसार बताए गए वर्ष में भाग्योदय होगा। आइये जानते हैं आपके लग्न के अनुसार कब खुलेगा आपकी किस्मत का ताला...

भाग्योदय का अवसर
- मेष लग्न: 16वां, 22वां, 28वां, 32वां और 36वां वर्ष भाग्योदयकारी होता है।
- वृषभ लग्न: 25, 28, 36 और 42वें वर्ष में भाग्योदय का अवसर आता है।
- मिथुन लग्न: 22, 32, 35, 36 और 42वें वर्ष में किस्मत का ताला खुलता है।
- कर्क लग्न: 16, 22, 24, 25, 28 और 32वें वर्ष में भाग्योदय होता है।
- सिंह लग्न: 16, 24, 26, 28 और 32वां वर्ष भाग्योदयकारी साबित होता है।
- कन्या लग्न: 16, 22, 25, 32, 33, 35 और 36वां वर्ष शुभ होता है।
- तुला लग्न: 24, 25, 32, 33 और 35वें वर्ष में भाग्योदय होता है।
- वृश्चिक लग्न: 22, 24, 28, 32वां वर्ष किस्मत खोलने वाला होता है।
- धनु लग्न: 16, 22 और 32वें वर्ष में भाग्योदय होता है।
- मकर लग्न: 25, 33, 35, 36वां वर्ष शुभ होता है।
- कुंभ लग्न: 25, 28, 36, 42वां वर्ष भाग्योदयकारी।
- मीन लग्न: 16, 22, 28, 33वें वर्ष में भाग्योदय होता है।













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