Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 13 अप्रैल 2026, सोमवार
13 अप्रैल 2026 को 2083 सिद्धार्थ विक्रमी संवत्सर के कृष्ण पक्ष की एकादशी, वैशाख मास में पड़ती है। सूर्य मीन राशि में रहता है। इस दिन दो प्रमुख उत्सव मनाए जाते हैं: वल्लभाचार्य जयंती और वरुथिनी एकादशी। कई लोग आज के पंचांग का संदर्भ इन समयों और परंपराओं के आधार पर प्रार्थनाओं, उपवासों, यात्राओं और अन्य दैनिक दिनचर्या की योजना बनाने के लिए लेते हैं।

🌅 सूर्योदय और चंद्रोदय 🌙
| सूर्योदय | सुबह 05:38 | सूर्यास्त | शाम 6:20 बजे |
| चंद्रोदय | 14 अप्रैल, सुबह 03:27 बजे | चंद्रास्त | दोपहर 2:13 |
📅 पंचांग 🕉️
| तिथि | एकादशी प्रातः 01:08 बजे तक, 14 अप्रैल बारह | नक्षत्र | धनिष्ठा दोपहर 4:03 बजे तक शतभिषा |
| योग | शुभा, शाम 5:17 बजे तक शुक्ल | करण | बावा दोपहर 1:18 बजे तक बलवा, 14 अप्रैल, सुबह 01:08 बजे तक कौलावा |
| काम करने के दिन | सोमवारा | ||
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
🌙 चंद्र विवरण और वर्ष 🗓️
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थ | सम्वत्सर | सिद्धार्थी अपराह्न 03:53 बजे तक, 21 अप्रैल, 2026 |
| शक संवत | 1948 पराभाव | रौद्र | |
| गुजराती संवत | 2082 पिंगला | चंद्रमासा | वैशाख - पूर्णिमांत चैत्र - अमंता |
| दाएँ/द्वार | 30 |
👑 विक्रम संवत 2083 - मंत्रिमंडल ⚜️
| राजा | गुरु 👑 - राजा | अध्यक्ष | चंद्र ⚔️ - सेनापति |
| मंत्री | मंगल ⚜️ - मंत्रिमंडल मंत्री | धन्याधिपति | बुद्धा 🌻 - रबी फसलें |
| सस्याधिपति | गुरु 🌾 - खरीफ फसलें | मेघाधिपति | चंद्र 🌧 - बादल और बारिश |
| धनवान | गुरु 💰 - धन और अर्थव्यवस्था | अप्रसन्न | गुरु 🪙 - धातु और खनिज |
| रसाधिपति | शनि 🍯 - रस और तरल पदार्थ | फलाधिपति | चंद्र 🍎 - फल और फूल |
♈️ राशि और नक्षत्र 🌠
| राशि | कुम्भ | नक्षत्र पाद | धनिष्ठा सुबह 9:55 बजे तक |
| सूर्य राशि | मीना | धनिष्ठा दोपहर 4:03 बजे तक | |
| सूर्य नक्षत्र | रेवती | शतभिषा (रात 10:08 बजे तक) | |
| सूर्य पाद | रेवती | शतभिषा प्रातः 04:10 बजे तक, 14 अप्रैल | |
| शतभिषा |
🌱 ऋतुएँ और संक्रांति ☀️
| ड्रिक रितु | वसंत (Spring) | दिनमाना | 12 घंटे 42 मिनट 00 सेकंड |
| वैदिक ऋतु | वसंत (Spring) | रात्रिमाना | 11 घंटे 17 मिनट 02 सेकंड |
| ड्रिक अयाना | उत्तरायण | मध्यना | सुबह 11:59 |
| वैदिक आयन | उत्तरायण |
😇 शुभ क्षण ✨
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:07 से सुबह 04:52 तक | प्रतः संध्या | सुबह 4:30 बजे से 5:38 बजे तक |
| अभिजीत | सुबह 11:33 से दोपहर 12:24 तक | विजय मुहूर्त | दोपहर 2:06 से दोपहर 2:56 तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 6:18 से शाम 6:41 तक | सयाहना संध्या | शाम 6:20 से शाम 7:27 तक |
| निशिता मुहूर्त | 14 अप्रैल, रात 11:36 से 12:21 बजे तक |
😈 अशुभ क्षण 👹
| राहु कलाम | सुबह 7:13 से 8:48 तक | यामागंडा | सुबह 10:23 से 11:59 तक |
| गुलिकाई कलम | दोपहर 1:34 से दोपहर 3:09 तक | दुर् मुहूर्त | दोपहर 12:24 से दोपहर 1:15 तक दोपहर 2:56 से दोपहर 3:47 तक |
| वर्ज्यम | 14 अप्रैल, रात 11:16 बजे से रात 12:52 बजे तक | ||
| बाना | मृत्यु सुबह 9:10 बजे तक अग्नि सुबह 9:10 बजे से पूरी रात तक | पंचक | पूरे दिन |
🏡 निवास स्थान और दिशा 🧭
| होमाहुती | राहु दोपहर 4:03 बजे तक केतु | दिशा स्कूल | पूर्व |
| अग्निवास | आकाश (स्वर्ग) 14 अप्रैल, सुबह 01:08 बजे तक पाताला (दुर्लभ) | राहु वासा | उत्तर-पश्चिम |
| शिववास | कैलाश पर्वत पर 14 अप्रैल को सुबह 01:08 बजे तक नंदी पर | कुंभ चक्र | दोपहर 4:03 बजे तक का निचला हिस्सा गला |
🗓️ अतिरिक्त कैलेंडर और युग 🌐
| कलियुग | 5127 वर्ष | लाहिरी अयनांश | 24.230934 |
| काली अहर्गना | 1872678 दिन | राटा डाई | 739719 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 31 मार्च, 2026 ई. | जूलियन डे | 2461143.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | चैत्र 23, 1948 शक | संशोधित जूलियन डे | 61143 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | चैत्र 30, 1947 शक |
💪 क्षमता मूल्यांकन 🌟
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबलम: मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ * कर्क राशि में जन्मे लोगों के लिए अष्टम चंद्र * पुनर्वसु के अंतिम पद, पुष्य और आश्लेषा में जन्मे लोगों के लिए अष्टम चंद्र | शाम 04:03 बजे तक शुभ ताराबलम: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती अगले दिन सूर्योदय तक शुभ ताराबलम: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, माघ, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूला, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद |
🕰️ शुभ समय विश्लेषण 💫
| दिन के लिए पंचक रहित मुहूर्त: शुभ मुहूर्त - 05:38 पूर्वाह्न से 05:44 पूर्वाह्न तक शुभ मुहूर्त - 05:44 पूर्वाह्न से 07:22 पूर्वाह्न तक अमोघ पंचक - 07:22 पूर्वाह्न से 09:19 पूर्वाह्न तक शुभ मुहूर्त - 09:19 पूर्वाह्न से 11:33 पूर्वाह्न तक मृत्यु पंचक - 11:33 पूर्वाह्न से 01:51 बजे तक अग्नि पंचक - 01:51 अपराह्न से 04:03 अपराह्न तक शुभ मुहूर्त - 04:03 अपराह्न से 04:05 अपराह्न तक राज पंचक - 04:05 अपराह्न से 06:18 अपराह्न तक शुभ मुहूर्त - 06:18 अपराह्न से 08:34 अपराह्न तक चोरा पंचक - 08:34 अपराह्न से 10:51 अपराह्न तक शुभ मुहूर्त - 10:51 अपराह्न तक 12:56 पूर्वाह्न, 14 अप्रैलरोग पंचक - 14 अप्रैल, रात 12:56 से 14 अप्रैल, रात 01:08 तक शुभ मुहूर्त - 14 अप्रैल, रात 01:08 से 14 अप्रैल, रात 02:41 तक मृत्यु पंचक - 14 अप्रैल, रात 02:41 से 14 अप्रैल, रात 04:12 तक अग्नि पंचक - 14 अप्रैल, रात 04:12 से 14 अप्रैल, रात 05:37 तक | दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त: मीन - 04:16 पूर्वाह्न से 05:44 पूर्वाह्न तक मेष - 05:44 पूर्वाह्न से 07:22 पूर्वाह्न तक वृषभ - 07:22 पूर्वाह्न से 09:19 पूर्वाह्न तक मिथुन - 09:19 पूर्वाह्न से 11:33 पूर्वाह्न तक कर्क - 11:33 पूर्वाह्न से 01:51 अपराह्न तक सिंह - 01:51 अपराह्न तक 04:05 PMकन्या - 04:05 PM से 06:18 PMतुला - 06:18 PM से 08:34 PMवृश्चिक - 08:34 PM से 10:51 PMधनु - 10:51 PM से 12:56 AM, 14 अप्रैल मकर - 12:56 AM, 14 अप्रैल से 02:41 AM, अप्रैल 14कुम्भ - 02:41 AM, अप्रैल 14 अप्रैल, सुबह 04:12 बजे तक |
🎉 दिन का उत्सव 🎉
| वल्लभाचार्य जयंतीवरुथिनी एकादशी |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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