Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 11 सितंबर 2025, गुरुवार
11 सितंबर 2025 को, पंचांग पंचमी श्राद्ध के अनुष्ठान पर प्रकाश डालता है। यह दिन आश्विन मास के अंतर्गत आता है, जो कलियुग विक्रमी संवत 2082 के चतुर्दशी कृष्ण पक्ष में पड़ता है। इस तिथि के लिए सूर्य राशि सिंह है। पंचमी श्राद्ध हिंदू कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण दिन है, जो पूर्वजों का सम्मान करने और उनकी शांति और कल्याण के लिए अनुष्ठान करने के लिए समर्पित है।

सूर्योदय और चंद्रास्त का समय 🌅
| सूर्योदय | 05:42 पूर्वाह्न | सूर्यास्त | 06:06 अपराह्न |
| चंद्रोदय | 08:27 अपराह्न | चंद्रास्त | 09:13 पूर्वाह्न |
हिंदू कैलेंडर 🗓️
| तिथि | चतुर्थी दोपहर 12:45 बजे तक | नक्षत्र | अश्विनी दोपहर 01:58 बजे तक |
| पंचमी | भरणी | ||
| योग | ध्रुव शाम 05:05 बजे तक | करण | बलवा दोपहर 12:45 बजे तक |
| व्याघात | कौलव रात्रि 11:20 बजे तक | ||
| काम करने के दिन | गुरुवार | शीर्षक | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
चंद्र मास और संवत 🌕
| विक्रम संवत | 2082 कलायुक्त | संवत्सर | कालायुक्त 03:07 अपराह्न, 25 अप्रैल 2025 तक |
| शक संवत | 1947 विश्वावसु | सिद्धार्थ | |
| गुजराती संवत | 2081 नाला | चंद्रमास | अश्विन - पूर्णिमांत |
| दाएँ/गेट | 26 | भाद्रपद - अमंत |
राशियाँ और नक्षत्र ♈
| राशि | मेशा | नक्षत्र पद | अश्विनी सुबह 08:29 बजे तक |
| सूर्य राशि | नरसिंह | अश्विनी दोपहर 01:58 बजे तक | |
| सूर्य नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी | भरणी शाम 07:27 बजे तक | |
| सूर्य पद | पूर्वा फाल्गुनी | भरणी 12:57 पूर्वाह्न, 12 सितंबर तक | |
| भरणी |
ऋतुएँ और अयाना 🍂
| द्रिक ऋतु | शरद (शरद ऋतु) | दिनामाना | 12 घंटे 24 मिनट 02 सेकंड |
| वैदिक अनुष्ठान | वर्षा (मानसून) | रात्रिमान | 11 घंटे 36 मिनट 19 सेकंड |
| ड्रिक अयाना | दक्षिणायन | मध्य | 11:54 पूर्वाह्न |
| वैदिक अयन | दक्षिणायन |
शुभ और अशुभ समय 🤞
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:10 पूर्वाह्न से 04:56 पूर्वाह्न तक | प्रातः संध्या | 04:33 पूर्वाह्न से 05:42 पूर्वाह्न तक |
| अभिजीत | सुबह 11:30 से दोपहर 12:19 बजे तक | विजय मुहूर्त | 01:58 अपराह्न से 02:48 अपराह्न तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:06 से शाम 06:30 बजे तक | सयाहना संध्या | 06:06 अपराह्न से 07:16 अपराह्न तक |
| अमृत कलाम | 07:23 पूर्वाह्न से 08:51 पूर्वाह्न तक | निशिता मुहूर्त | 11:31 PM से 12:18 AM, 12 सितंबर |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 05:42 पूर्वाह्न से 01:58 अपराह्न तक |
| राहु कालम् | दोपहर 01:27 से दोपहर 03:00 बजे तक | यामागांडा | 05:42 पूर्वाह्न से 07:15 पूर्वाह्न तक |
| गुलिकाई कलम | सुबह 8:48 से 10:21 बजे तक | विदाल योग | 01:58 अपराह्न से 05:43 पूर्वाह्न, 12 सितंबर |
| वर्ज्यम | सुबह 10:18 से 11:46 बजे तक | ज्वालामुखी योग | 01:58 अपराह्न से 05:43 पूर्वाह्न, 12 सितंबर |
| 10:46 PM से 12:14 AM, 12 सितंबर | दुर मुहूर्तम | सुबह 9:50 से 10:40 बजे तक | |
| गंदा मूला | 05:42 पूर्वाह्न से 01:58 अपराह्न तक | 02:48 अपराह्न से 03:38 अपराह्न तक | |
| बाना | चोरा रात्रि 10:42 बजे तक |
निवास और शूल 🧭
| घर | मंगलवार दोपहर 01:58 बजे तक | दिशा स्कूल | दक्षिण |
| गुरु | चंद्र वासा | पूर्व | |
| अग्निवास | आकाश (स्वर्ग) दोपहर 12:45 बजे तक | राहु वास | दक्षिण |
| पाताल (दुर्लभ) | कुंभ चक्र | गर्भ | |
| शिववास | कैलाश पर दोपहर 12:45 बजे तक | ||
| नंदी पर |
अन्य कैलेंडर और युग 🌎
| कलियुग | 5126 वर्ष | लाहिड़ी अयनांशा | 24.222749 |
| काली अहरगना | 1872464 दिन | रेट डाई | 739505 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 29 अगस्त, 2025 ई. | जूलियन डे | 2460929.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | भाद्रपद 20, 1947 शक | संशोधित जूलियन दिवस | 60929 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | भाद्रपद 27, 1947 शक |
चंद्रबलम और ताराबलम ✨
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबल: | मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ | 01:58 PM तक शुभ मुहूर्त: | भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती |
| *कन्या राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र | *उत्तरा फाल्गुनी के लिए अष्टम चंद्र अंतिम 3 पद, हस्त और चित्रा के जन्म के पहले 2 पद | अगले दिन सूर्योदय तक शुभ तरबलम: | अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद |
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🌞
| दिन के लिए पंचक रहित मुहूर्त: | (कई समय सीमाएँ सूचीबद्ध हैं, जिन्हें "अच्छा मुहूर्त" के रूप में चिह्नित किया गया है) | दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त: | (कई लग्न और समय सीमाएँ सूचीबद्ध) |
दैनिक त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
| पंचमी श्राद्ध |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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