घर की बालकनी के लिए वास्तु टिप्स

भवन की सौन्दर्यता एंव हवा व प्रकाश अधिक से अधिक मात्रा में मिले, इसके लिए भूखण्डों में बालकनी का होना अपरिहार्य है। भवन में बालकनी एक प्रकार से खुले स्थान का विकल्प मानी जाती है।

vastu Tips for Balcony in hindi

बालकनी से हम प्रातः काल स्वच्छ वायु एंव सूर्य की प्राकृतिक उर्जा का आनन्द ले सकते है। यदि भूखण्ड में बालकनी को वास्तु के अनुसार बनाया जाये तो हितकर व लाभप्रद परिणाम मिलते है।

  • यदि आपका भवन पूर्वमुखी है,तो बालकनी पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। ऐसे भवन में बालकनी पश्चिम या दक्षिण दिशा में कदापि न बनायें।
  • पश्चिममुखी भवन में बालकनी को उत्तर या पश्चिम की दिशा में बनाना शुभ माना जाता है।
  • जिन लोगों का मकान उत्तरमुखी है, उसमें बालकनी को पूर्व या उत्तर दिशा में बनाना हितकर रहता है।
  • यदि आपका भूखण्ड दक्षिणमुखी है तो, बालकनी को पूर्व या दक्षिण दिशा में बनाना लाभप्रद साबित होता है।

बालकनी का चयन हमेशा भवन के मुख के आधार पर ही करना उचित रहता है। परन्तु या ध्यान रखना चाहिए कि प्रातःकालीन की सकारात्मक उर्जा एंव प्रकाश का प्रवेश घर में निर्बाध रूप से होता रहें।

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