जानिए 'सुपरमून' का क्या होगा आपके जीवन पर असर?
पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा बलवान होता है, उस दिन चन्द्रमा का अधिकतम प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है जिसका असर आम लोगों के जीवन पर भी पड़ेगा।
लखनऊ। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार 14 नवंबर के दिन बिग मून का नजारा देखने को मिलेगा अगर आप इस खगोलीय घटना के अद्धभुत नजारे को देखने से चूक गये तो फिर आपको सन् 2034 तक का इन्तजार करना पड़ेगा। 14 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा है, उसी दिन 14 गुना बड़ा चन्द्रमा दिखलाई पड़ेगा। क्योंकि उस दिन चन्द्रमा पृथ्वी के काफी नजदीक होगा।

पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा बलवान
पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा बलवान होता है, उस दिन चन्द्रमा का अधिकतम प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है। दरअसल चन्द्रमा मन का कारक होता है और कहा भी गया है कि 'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत है'। अगर आप मन से कमजोर हो गये तो समझो जीवन के संघर्ष की हर लड़ाई में हार जायेंगे।
पूर्णिमा की खासियत
यदि मन से बलवान है तो हर समस्या को एक चुनौती समझकर पार पा लेंगे। इसलिए प्रकृति ने महीने में एक बार मन की उर्जा प्राप्त करने के लिए एक खगोलीय घटना का सृजन किया है जिसे पूर्णिमा कहा जाता है।

क्या आप जानते है कि चन्द्रमा के कमजोर होने पर आपकी लाइफ में क्या-क्या दुष्प्रभाव पड़ता है ?
चन्द्रमा के खराब होने से आपके जीवन पर क्या-क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। चन्द्रमा के निर्बल होने पर मनुष्य के जीवन में विभिन्न प्रकार के दुष्प्रभाव पड़ते है ? जैसे- करियर में अड़चने, रिलेशनशिप में दरार, आर्थिक पक्ष कमजोर रहना , शिक्षा पर बुरा असर, घर में वास्तु दोष रहना एंव स्वास्थ्य आदि पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
सबसे अच्छा रंग सफेद व स्लेटी
चन्द्रमा के लिए सबसे अच्छा रंग सफेद व स्लेटी होता है। आज के दिन आप सफेद कपड़े पहनकर चन्दन, चमेली, कमल व लिली के फूलों की सुगंध का प्रयोग करने से चन्द्रमा मजबूत होगा।
चन्द्रमा की उपासना के लिए निम्न मन्त्र है-
- ऊॅ ऐं क्लीं सोमाय नामाय नमः।
- ऊॅ श्रॉं श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
- ऊॅ सों सोमाय नमः।
उपरोक्त वर्णित किसी भी मन्त्र का विधिवत पूजन व अर्चन करके जाप करने से लाभ मिलेगा। नोट-चन्द्र उपासना में चन्द्र ग्रह सम्बन्धी स्त्रोत कवच, नामावली का जाप व पाठ अवश्य करना चाहिए। चन्द्रमा की उपासना कार्तिक पूणिमा वाले दिन करना अधिक फलदायी होता है।

चन्द्रमा के देवता वरूण देव
चन्द्रमा के देवता वरूण देव है, इसलिए सर्वप्रथम वरूण देव की आराधना व स्तुति करनी चाहिए। चन्द्रमा एक स्त्री कारक ग्रह भी है। इसलिए देवी की आराधना करने से भी लाभ होगा। वह महान देवी, महान शक्ति के रूप में शिव पत्नी है। शिव के मस्तक में चन्द्रमा विराजमान है। अतः शिव की उपासना करने से भी चन्द्रमा की उर्जा में वृद्धि होगी।
भ्रामरी प्रणायाम
रात्रि में छत के उपर बैठकर भ्रामरी प्रणायाम करने से चन्द्र उर्जा की वृद्धि होती है। हमें अधिक विश्वास, ग्रहणशीलता, खुलापन विकसति करने के लिए देवी का ध्यान करिये। नियमित वज्रासन और नौकायन आसन करने से चन्द्रमा बलवान होता है। ''ऊॅ'' का कम से कम 108 बार उच्चारण करने से चन्द्रमा की उर्जा में वृद्धि होती है। ध्यान करने से मन नियन्त्रित होता है। मन नियन्त्रित होने से चन्द्रमा अच्छा होने लगता है।
प्रातःकाल नंगे पैर से घास पर टहलने से मन व तन दोनों को शान्ति मिलती है
घास पर जो ओस की बॅूद होती है, वह चन्द्रमा का प्रतीक होती है। प्रातःकाल नंगे पैर से घास पर टहलने से मन व तन दोनों को शान्ति मिलती है। ऐसा करने से चन्द्रमा की अनुकूल उर्जा में विशेष वृद्धि होती है।
मन का कारक चन्द्रमा
हम जो भी भोजन के रूप में ग्रहण करते है, उसका सीधा असर हमारें शरीर पर पड़ता है।जब शरीर स्वस्थ्य रहेगा तो मन भी स्वस्थ्य रहेगा। चॅूकि मन का कारक चन्द्रमा है, इसलिए खान-पान का असर भी चन्द्रमा पर पड़ता है। चन्द्रमा शीतल ग्रह है, इस कारण हमें ऐसे भोज्य पदार्थो का सेंवन करना चाहिए जो शाीतल और सुपाच्य हो।
नोट-उपरोक्त लिखे सारे उपाय सुपर मून वाले दिन से प्रारम्भ करके निरन्तर 40 दिन तक करने से ही बेहतर लाभ मिलेगा।












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