मोदी के लिए कहीं उल्टा तो नहीं पड़ेगा नोटबंदी का दांव, क्या कहते हैं सितारे?
पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से आम जनता परेशान जरूर है लेकिन वो फिर भी मोदी के साथ है, जिसका फायदा यूपी चुनाव में बीजेपी को मिलेगा।
लखनऊ। 8 नवम्बर की रात्रि 8 बजे भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम सम्बोधन के दौरान घोषणा की अब 500 और 1000 के नोट बंद होंगे।

क्या यह फैसला आम जनमानस के हित में रहेगा ? क्या इस दृढ़ फैसले से भारत की अर्थव्यस्था पर कोई प्रभाव पड़ेगा ? क्या इस निर्णय से काले धन पर रोक लग पायेगी ?
आइये ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर इन्हीं सब सवालों के जवाब खोजते है ?

- समय कुण्डली के अनुसार जिस समय मोदी ने नोटबन्द होने की घोषणा की उस समय भारत में मिथुन लग्न उदित हो रही थी। मिथुन लग्न एक द्विस्वभाव राशि है। जिससे लोगों के मन में इस फैसले को लेकर दुविधाजनक स्थिति बनी रहेगी।
- मिथुन का स्वामी बुध पंचम भाव में अपने मित्र सूर्य के साथ बैठा है। पंचम भाव जनता का कारक होता है। बुध की अच्छी स्थिति यह दर्शाती है कि नोटबन्दी का यह फैसला जनता के हित में रहेगा एंव इस निर्णय को सफल कराने में जनता का पूरा सहयोग बना रहेगा।

- समय कुण्डली में धन का स्वामी चन्द्रमा भाग्य भाव में केतु के साथ स्थिति है। इसलिए विपक्षी पूरी कोशिश करेंगे कि नोटबन्दी से होने वाला आर्थिक लाभ वर्तमान सरकार को न मिल पाये।
- सोने, जमीन व मकान के तौर पर सम्पत्ति जमा करने वाले लोग इसके बाद वित्तीय बचत की तरफ बढ़ेगे। नोटबन्दी से सरकारी खजाने में बड़ी राशि जमा होगी जिससे आगे चलकर सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोत्तरी होगी।
- काले धन का संकेतक ग्रह राहु होता है क्योंकि राहु ही अनैतिक तरीके से धन कमवाकर एकत्रित करवाता है। तृतीय भाव साहस व पारक्रम का भाव होता है। जिस कारण नोटबन्दी के द्वारा ब्लैक मनी पर लगाम लगाना आसान नहीं दिख रहा है।

- आतंकवाद व नक्सलवाद जैसे संगठनों के संकेतक ग्रह शनि व मंगल होते है। समय पत्रिका में मंगल अपनी उच्च अवस्था में है और शनि भाग्य व आठवें भाव का मालिक होकर छठें भाव में मंगल की राशि वृश्चिक में स्थित है। इन दोनों ग्रहों का आपस में तालमेल बहुत अच्छा है।
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- पंचम भाव जनता का संकेतक भाव है और दशम भाव राजनीति का है। सूर्य राजीनित का मुख्य ग्रह है। समय कुण्डली में सूर्य पराक्रमेश और नीच का होकर पंचम स्थान पर कब्जा किये हुये है। जनता के भाव में नीच के सूर्य का कब्जा है।
- यानि राजा के निर्णय के कारण जनता को मानसिक व शारीरिक परेशानियॉ उठानी पड़ेगी किन्तु फिर भी दशमेश गुरू बलवान होने के फॅलस्वरूप जनता मोदी की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी उतरेगी। आगामी विधान सभा चुनावों में मोदी के निर्णय के द्वारा भाजपा बहुमत के करीब सीटें जीत सकती है, ऐसे संकेत नजर आ रहें है।
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