जीवन में किसी भी समस्या से परेशान हैं तो करें गायत्री मंत्र का जाप, जरूर होगा लाभ
हिंदू धर्म में मां गायत्री को वेदमाता कहा जाता है। गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी भी कहा जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मां गायत्री का अवतरण माना जाता है। इस दिन को हम गायत्री जयंती के रूप में मनाते है।
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गायत्री उपासना करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। गायत्री मंत्र के जाप से इंसान के सारे दुख और भय समाप्त हो जाता है। इंसान के उत्साह और साहस में वृद्धि होती है। इंसान खुश, सुखी और वैभव प्राप्त करता है।
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मां गायत्री को पंचमुखी माना गया है
हिंदू धर्म में मां गायत्री को पंचमुखी माना गया है जिसका अर्थ है यह संपूर्ण ब्रह्माण्ड जल, वायु, पृथ्वी, तेज और आकाश के पांच तत्वों से बना है। संसार में जितने भी प्राणी हैं, उनका शरीर भी इन्हीं पांच तत्वों से बना है। मां गायत्री की उत्पत्ति चारों वेदों से हुई हैं इसलिए कहा जाता है कि या तो आप चारों वेद पढ़ लीजिए या फिर मां गायत्री का ध्यान कर लीजिए।

विद्या और तप
मां की साधना करने से जातक भयमुक्त, चिंतामुक्त, क्रोधमुक्त और कर्जमुक्त हो जाता है। मां गायत्री अपने भक्तों को धैर्य, साहस और ऊर्जावान बनाती हैं।

गायत्री पूजा से लाभ
जो व्यक्ति मां गायत्री की चालीसा पूरे मन से पढ़ता है उसे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती है। उसकी हर मनोकामना पूरी होती है और उसे सारे सुख वैभव प्राप्त होते हैं। उसे सतगुणों की प्राप्ति होती है, जिसके जरिए वो प्रगति के शिखर पर आगे बढ़ता है।

ये है गायत्री मंत्र
मंत्र: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
अर्थात् 'सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परमात्मा के प्रसिद्ध वरण करने योग्य तेज़ का (हम) ध्यान करते हैं, वे परमात्मा हमारी बुद्धि को (सत् की ओर) प्रेरित करें।












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