अक्टूबर में बुध ग्रह ने बदली है चाल, जानिए राशियों पर प्रभाव
[पं. अनुज के शुक्ल] अक्टूबर माह के शुरू होते ही ग्रहों ने अपनी चाल बदल दी है। जी हां बुध ग्रह का तुला राशि में होकर वक्री होना आपके जीवन में पर क्या प्रभाव डालेगा। बुध ग्रह 04 अक्टूबर 2014 को वक्री होकर तुला राशि में गोचर करना प्रारम्भ कर दिया है।
ग्रहों का वक्री होना इस बात की ओर इंगित करता है कि यदि कोई शुभ ग्रह नीच स्थान में होकर वक्री है तो चह उच्च का फल देगा और पाप स्थानों में बैठे छठें, आठवें व बारहवें भाव में शुभ ग्रह भी उच्च का फल देने लगते है। बुध का सीधा प्रभाव वाणी, शिक्षा, व्यापार, धन-दौलत, बहन-बुआ आदि से होता है। आइये देखते है कि बुध के वक्री होने से विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

राशियों पर प्रभाव
एक-एक कर स्लाइडों को आगे बढ़ाते जाइये और देखिये आपरकी राशिपर क्या प्रभाव पड़ा है।

मेष
जीवन साथी के साथ वैचारिक मतभेद बने रह सकते है। बहन व बुआ से रिश्तें अच्छे बनायें रखने होंगे। सूझ-बूझ से काम करें। साझे वाले व्यापार में सावधानी बनायें रखें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान बनायें रखें।

वृष
छठें भाव में बुध का वक्री होने का मतलब है कि धन से सम्बिधत मामलों में सफलता प्राप्त होगी। कुछ लोंगों को किसी विषम स्थिति में कर्ज लेना पड़ सकता है। सन्तना सम्बन्धी कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

मिथुन
पंचम स्थान का वक्री बुध आपके लिए अच्छा समय लेकर नहीं आयेगा। मन में बेचैनी का अनुभव करेंगे तथा बेवजह चिन्तायेंब नी रहेंगी। परिवार में तनाव का माहौल रह सकता है। स्वास्थ्य से सम्बन्धी दिक्क्तें हो सकती है।

कर्क
चैथे भाव में उच्च शनि के साथ बुध का वक्री होना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि आपकी माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। कुछ लोग घर की मरम्मत करवायेंग। बुआ या बहन से रिश्ते खराब हो सकते है।

सिंह
कुछ लोगों का भाईयों से विरोध या मन मुटाव होगा। व्यापार में गतिरोध बना रह सकता है। निजी रिश्तों में खटास पैदा हो सकती है। कोई भी काम भाग्य भरोसे न करें। पराक्रम व उत्साह में कमी नजर आयेगी।

कन्या
अपने कटु वचनों पर कंट्रोल बनायें रखें वरना वाद-विवाद होने की आशंका है। कुछ लोगोें को कमर के निचले हिस्से में चोट या दर्द की शिकायत उत्पन्न हो सकती है। अपने उच्चाधिकारियों से उचित दूरी बनायें रखें। नौकरी आदि में परिवर्तन हो सकता है।

तुला
आय में कमी व व्यय की अधिकता बनी रहेगी। खर्चो में कटौती करके ही धन की थोड़ी बहुत बचत कर सकते है। व्यर्थ की भागदौड़ बनी रह सकती है। जीवन साथी से बात-बात पर उलझने का मन होगा।

वृश्चिक
बुध अष्टम व एकादश भाव का मालिक है, इसलिए कुछ लोगों को अचानक धन लाभ होने की सम्भावना नजर आ रही है। धर्म के प्रति रूचि बढे़गी और सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। यात्रा पर जा रहें लोगों की यात्रा सफल होगी।

धनु
रोजी व रोजगार में प्रगति कुछ धीमी होगी। ज्यादा रिस्क लेने से घाटा भी हो सकता है। सन्तान की ओर से मन अप्रसन्न रह सकता है। सरकारी कार्यो में बाधांये आ सकती है। खान-पान पर ध्यान दें वरना रोग के चपेट में आ सकते है।

मकर
वक्री बुध को आपको मिला-जुला फल देगा। धन आयेगा किन्तु उसका दुरूप्रयोग करने से बचना होगा। जीवन साथी से परस्पर पे्रम बना रहेगा। किसी विवाद में पड़ना इस समय उचित नहीं है। भाग्य के सहारे हाथ पर हाथ रखकर बैठना उचित नहीं है।

कुम्भ
आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। कुछ लोगों के जीवन में नयें अवसर आयेंगे। इस समय आपका भाग्य साथ देगा। सन्तान की ओर से मन खिन्न रहेगा। अत्यधिक आवेश में आने से बचना होगा। क्रोध व वाणी पर नियन्त्रण रखें वरना भाई व बहनों से विवाद हो सकता है।

मीन
रूके हुये कार्यो में प्रगति होगी। कुछ लोगों का फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। परिवार में अच्छा माहौल बना रहेगा। कुछ लोग मकान, वाहन व भूमि पर निवेश कर सकते है। दाम्पत्य जीवन में मधुरता आने के संकेत है।












Click it and Unblock the Notifications