सूर्यग्रहण का आपकी राशि पर प्रभाव

अगर मौसम साफ रहा तो 22 जुलाई को लगने वाला खग्रास सूर्यग्रहण आपको सुबह के उजाले में रात का भ्रम देगा और तारे भी दिखाई देने लग सकते हैं। यूं तो खग्रास सूर्यग्रहण का अर्थ है सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य बिंब का पूरी तरह से ढंक जाना। यह 21 वीं सदी का सबसे लंबी ग्रासमान अवधि वाला सूर्यग्रहण भी है। अगला सूर्यग्रहण 2087 में ही भारत में दिखाई देगा।

श्रावण अमावस्या होने के कारण इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। 21 जुलाई की शाम से ही इसका सूतक लग जाएगा। धर्मशास्त्रों के अनुसार सूतक काल के दौरान भोजन आदि का त्याग करना चाहिए। मंदिरों के दर्शन और आरती आदि नहीं करना चाहिए। खाने-पीने की वस्तुओं और पीने वाली वस्तुओं को ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए सूतक लगने से पूर्व ही इनमें कुशा रखनी चाहिए।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार राशियों पर ग्रहण का प्रभावः

मेष- माता और माता तुल्य महिलाओं और प्राथमिक कक्षा में पढ रहे बच्चों के लए अच्छा नहीं रहेगा। वाहन और मकान संबंधी तकलीफों से जूझना पड सकता है। जिन लोगों का मेष लग्न हो उनके लिए सूर्य भगवान का मंत्र जाप अच्छा रहेगा। शिव भगवान संबंधी मंत्र स्त्रोत से परेशानियों का सामना अच्छी तरह से कर सकेंगे।

वृष- इस राशि के लिए यह ग्रहण अच्छे फल लेकर आएगा। गर्भवती महिलाओं को अगर वृष लग्न है तो "ओम नमो भगवते वासुदेवाय" का ज्यादा से ज्यादा जाप करना चाहिए। विष्णु संबंधी कथाओं से भी आपको राहत मिलेगी।

मिथुन- आर्थिक और पारिवरिक चिंताओं से जुझना होगा। व्यय पर लगाम लगाए। मिथुन लग्न होने पर लक्ष्मी जी के साथ विष्णु जी के मंत्रों को जाप आपको होने वाले कष्टों से मुक्ति दिलाने में सक्षम है। ज्ञात हो तो अपने कुल देवी या कुल देवता की आराधना भी जरूर करें।

कर्क- आपकी राशि पर ही ग्रहण लग रहा है। नक्षत्रों के राजा पुष्य पर ही लगने वाले इस ग्रहण के कारण अपनी सेहत पर ध्यान रखें। जिन लोगों का कर्क लग्न है उन्हें भगवान कार्तिकेय की पूजा से तत्काल लाभ होगा। गणेश जी के मंत्र जाप से भी लाभ होगा।

सिंह- आप किसी की धोखाधडी का शिकार हो सकते हैं। शरीर में किसी भी तरह का कश्ट होने पर सूर्य संबंधी मंत्र जाप करें। अगर सिंह लग्न हो तो धन के मामले में सावधानी पूर्वक निर्णय लें।

कन्या- आपको ग्रहण के कारण अच्छे फल मिलेंगे। कन्या लग्न होने पर विष्णु और लक्ष्मी जी संबंधित पूजा करें।

तुला- आपको इस ग्रहण से फायदा होगा। तुला लग्न होने पर शनि और विष्णु संबंधित मंत्रों का जाप करें।

वृष्चिक- ग्रहण के अशुभ फलों को रोकने के लिए वृष्चिक लग्न वालों को सूर्य संबंधित मंत्रो का जाप करना चाहिए। कॅरियर में बदलाव हानिकारक हो सकता है।

धनु-ग्रहण के बुरे प्रभावों को रोकने के लिए आपको धनु लग्न होने पर भगवान कार्तिकेय, शिव और सूर्य के मंत्रों का जाप करना चाहिए। पैतृक संपत्ति और वाहन आदि को लेकर तनाव रहेगा।

मकर- ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए आपको मकर लग्न होने पर विश्णु और लक्ष्मी जी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। पारिवारिक कारणों के कारण मकर राशि के लोगों को सयंम रखना होगा।

कुंभ- ग्रहण से फायदा होगा। कुंभ लग्न होने पर लक्ष्मी जी के साथ विश्णु जी के मंत्रों का जाप हितकर होगा।

मीन- ग्रहण के कारण उच्चशिक्षा में बाधा रहेगी। मीन लग्न होने पर शिव मंत्रों का जाप आपको मानसिक तनावों से मुक्ति प्रदान करेगा।

[पंडित भानुप्रतापनारायण मिश्र जानेमाने ज्योतिष हैं। वे वैदिक ज्योतिष के विशेषज्ञ हैं तथा आर्थिक भविष्यफल में उन्हें खास महारत हासिल है।]

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