BrahMos को टक्कर देने के लिए Pakistan ने बनाई Fatah-3 मिसाइल? क्या है इसकी असलियत? क्यों हो रही इस पर चर्चा?

Pakistan Fatah-3: दुनिया में इस समय सैन्य ताकत को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है। लगभग हर बड़ा देश अपनी सेना को पहले से ज्यादा आधुनिक और खतरनाक बनाने में लगा हुआ है। नए मिसाइल सिस्टम, स्टील्थ फाइटर जेट, AI आधारित हथियार, और एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी अब सिर्फ रक्षा का हिस्सा नहीं रह गई हैं, बल्कि ये देशों की जियो पॉलिटिकल ताकत तय करने लगी हैं। बस फर्क इतना के कि ज्यादातर देश खुद से टेक्नोलॉजी इजाद कर रहे हैं और पाकिस्तान चीन से लाकर अपने यहां अनबॉक्सिंग कर अपनी पीठ थपथपा लेता है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने अब ब्रह्मोस को टक्कर देने के लिए एक बार फिर चीनी मिसाइल का अपने यहां परीक्षण किया है।

क्या है ये नई मिसाइल?

पाकिस्तान ने हाल ही में FATAH-3 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को दुनिया के सामने रखा। इस मिसाइल को भारत की ब्रह्मोस मिसाइल के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान इस मिसाइल के आर्मी में आ जाने से सीना चौड़ा कर घूम रहा है। लेकिन बताया जा रहा है कि यह चीन की HD-1 मिसाइल टेक्नोलॉजी कॉपी पेस्ट है। इसमें पाकिस्तान की मेहनत सिर्फ लॉन्च करने तक सीमित है, क्योंकि बाकी रिसर्च एंड डिवेलपमेंट का काम चीन में पहले ही पूरा हो चुका था। लेकिन पाकिस्तानी सरकार इसे मेड-इन पाकिस्तान बता रहा है।

Pakistan Fatah-3

क्या है खासियत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी टर्मिनल वेलोसिटी यानी अंतिम हमले के समय की रफ्तार मैक 2.5 से लेकर मैक 4 तक हो सकती है। इतनी तेज गति इसे खतरनाक स्ट्राइक वेपन बना देती है, क्योंकि दुश्मन के पास प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय बचता है।

Pakistan Fatah-3

जमीन और समुद्र के बेहद करीब उड़ान भरने की क्षमता

इस मिसाइल की एक और खासियत यह है कि यह जमीन की सतह से सटकर या समुद्र के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है। सैन्य भाषा में इसे Low Altitude Flight Profile कहा जाता है। इसका फायदा यह होता है कि दुश्मन के रडार सिस्टम इसे जल्दी पकड़ नहीं पाते। कम ऊंचाई पर उड़ने की वजह से यह रडार की नजर से बचते हुए अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच सकती है।

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एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ा खतरा

मिसाइल की लो-फ्लाइट क्षमता और हाई स्पीड पारंपरिक एयर डिफेंस नेटवर्क के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो, इससे प्रतिद्वंदी के पास इंटरसेप्शन यानी मिसाइल को बीच में रोकने का समय बहुत कम रह जाता है। यही नहीं, यह मिसाइल रडार ट्रैकिंग, इंटरसेप्शन कैलकुलेशन और टारगेट लॉकिंग जैसी प्रक्रियाओं को भी उलझाने में सक्षम बताई जा रही है। आसान भाषा में कहें तो यह मिसाइल दुश्मन के डिफेंस सिस्टम को भ्रमित करने के लिए डिजाइन की गई है।

पाकिस्तान से काफी आगे भारत

भारत भी डिफेंस सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रहा है और कई देशों के साथ हथियार बाजार में सीधी टक्कर दे रहा है। भारत में बनने वाली कई मिसाइलें और फाइयर जेट अब दूसरे देशों द्वारा न सिर्फ खरीदे जा रहे हैं बल्कि पहली पसंद भी बन रहे हैं। हाल ही में वियतनाम और अजरबैजान जैसे कई देशों ने भारत से बड़ी डिफेंस डील की। इसके अलावा भारत बड़े पैमाने पर एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन्स बनाने पर काम कर रहा है।

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यहीं नहीं मलेशिया की RM1.9 बिलियन की एयर डिफेंस प्रतियोगिता में भारत अपने स्वदेशी आकाश-1S और आकाश प्राइम मिसाइल सिस्टम पब्लिक किए जो चीन को सीधी टक्कर देते हैं। साथ ही भारत की आकाश मिसाइल डिफेंस को कम दूरी की एयर डिफेंस क्षमता के लिए काफी प्रभावी माना जाता है। यह दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने में सक्षम है। भारत अब अपने स्वदेशी हथियारों को ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट करने पर भी तेजी से फोकस कर रहा है।

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