Aurangabad POCSO Court Verdict: बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसे महिला की सुरक्षा और उनके अधिकारों की दिशा में बड़ी मिसाल माना जा रहा है। एक युवक ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसकी इच्छा के खिलाफ मंदिर में जबरन शादी कर ली थी। अब स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने इस फैसले के जरिए लोगों को कड़ा संदेश देते हुए बताया है कि, नाबालिग की सहमति के बिना शादी और उसके अधिकारों का हनन करने वालों के खिलाफ कानून बेहद सख्त है। साथ ही पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने आरोपी गुंजन सिंह बंदेया को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उसे पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में दोषी माना। इसके अलावा 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक नाबालिग के अधिकारों और भविष्य से खिलवाड़ का है। इसलिए दोषी को कड़ी सजा देना जरूरी था। ये भी पढे़ं: Bihar Mini Gun Factory: बिहार में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, अंदर का नजारा देख पुलिस के भी उड़े होश मामला 28 जून 2025 का है। पीड़ित नाबालिग लड़की अल्ट्रासाउंड कराने के लिए रफीगंज गई थी। आरोप है कि वहीं से गुंजन सिंह उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। अगले दिन वह उसे हसपुरा प्रखंड के देवकुंड मंदिर ले गया और उसकी इच्छा के खिलाफ जबरन मांग भरकर शादी कर ली। इसके बाद पीड़िता ने रोते हुए अपने पिता को फोन कर पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इस मामले में 31 अक्टूबर 2025 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने आठ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए। सभी सबूतों की जांच के बाद स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने 6 जुलाई 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद शनिवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। ये भी पढे़ं: Bihar News: बिहार में 3035 सरकारी शिक्षकों की जाएगी नौकरी, ब्याज सहित वेतन वसूलेगी सरकार, शिक्षामंत्री का ऐलान अदालत ने सिर्फ आरोपी को सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़िता के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया। बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना-2019 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को निर्देश दिया गया कि पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को पहले जेल में बिताए गए चार माह 22 दिन की अवधि का समायोजन मिलेगा और दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।नाबालिग की जबरन शादी, अब मिली कड़ी सजा
अल्ट्रासाउंड कराने गई थी, आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया
आठ गवाहों और मजबूत सबूतों के आधार पर फैसला
पीड़िता को मिलेगा मुआवजा, अदालत ने दिया निर्देश