Bankipur BJP Star Campaigners list: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट वर्षों से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है, लेकिन इस बार पार्टी ने जिस तरह 40 स्टार प्रचारकों की पूरी फौज उतार दी है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एमएलसी पवन सिंह जैसे बड़े नेताओं का गली-गली जाकर प्रचार करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बीजेपी के लिए ये चुनाव आसान नहीं है।
दूसरी ओर प्रशांत किशोर सरकार बदलने नहीं, बल्कि "मजबूत विपक्ष" बनाने का संदेश देकर बीजेपी के पारंपरिक वोटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि बांकीपुर का चुनाव अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।
बांकीपुर उपचुनाव को जीतने के लिए बीजेपी ने अपने सभी बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है। पार्टी की ओर से जारी 40 स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, एमएलसी पवन सिंह, विधायक और सिंगर मैथिली ठाकुर समेत कई मंत्री, सांसद और वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी शामिल हैं। ये सभी नेता अलग-अलग इलाकों में जनसभाएं, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाकर बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में माहौल बनाएंगे। बांकीपुर सीट पर 1995 से लगातार बीजेपी जीतती रही है। ऐसे में सामान्य तौर पर यह सीट पार्टी के लिए सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन इस बार बीजेपी ने 40 स्टार प्रचारकों को उतारकर साफ संकेत दिया है कि वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी को लगता है कि अगर इस सीट पर हार हुई तो उसका राजनीतिक संदेश पूरे बिहार में जाएगा। इसलिए संगठन और सरकार के बड़े चेहरे लगातार चुनाव प्रचार में जुटेंगे। प्रशांत किशोर लगातार कह रहे हैं कि यह चुनाव सरकार बनाने या गिराने का नहीं, बल्कि विधानसभा में एक मजबूत विपक्ष खड़ा करने का चुनाव है। यह संदेश उन मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश माना जा रहा है जो बीजेपी सरकार से नाराज हैं, लेकिन सत्ता परिवर्तन भी नहीं चाहते। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नैरेटिव बीजेपी के पारंपरिक वोटरों के एक हिस्से को सोचने पर मजबूर कर सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर कानून-व्यवस्था, स्थानीय समस्याओं और सरकार के कामकाज को लगातार मुद्दा बना रहे हैं। वे यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि मजबूत विपक्ष होने से सरकार की जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही वे ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं जो बीजेपी के समर्थक रहे हैं, लेकिन मौजूदा सरकार के कुछ फैसलों और स्थानीय मुद्दों से असंतुष्ट महसूस करते हैं। प्रशांत किशोर अपने प्रचार में सिर्फ बड़े राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं हैं। वे बांकीपुर की टूटी सड़कें, जलनिकासी, सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उनका दावा है कि लंबे समय तक एक ही पार्टी के प्रतिनिधि रहने के बावजूद कई बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। स्थानीय मुद्दों पर फोकस कर वे मतदाताओं से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा अहम भूमिका निभाते रहे हैं। बांकीपुर में भी बीजेपी का एक मजबूत सामाजिक आधार माना जाता है, जिससे पार्टी को बढ़त मिलने की उम्मीद रहती है। हालांकि इस बार बीजेपी सिर्फ जातीय गणित पर निर्भर नहीं दिख रही। पार्टी नेतृत्व मानता है कि अगर विरोधी नैरेटिव को समय रहते नहीं रोका गया तो चुनाव अपेक्षा से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।बीजेपी ने उतारे 40 स्टार प्रचारक
बीजेपी अपनी सबसे सुरक्षित सीट पर क्यों झोंक रही पूरी ताकत?
प्रशांत किशोर का 'मजबूत विपक्ष' वाला नैरेटिव बना चुनौती
CM सम्राट से नाराजगी को मुद्दा बना रहे PK
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जातीय समीकरण अब भी बीजेपी की बड़ी ताकत