यूपी पर मंडरा रहा पाकिस्तानी टिड्डियों का खतरा, जानिए कितना खतरनाक है ये अलर्ट

यूपी पर मंडरा रहा पाकिस्तानी टिड्डियों का खतरा, जानिए कितना खतरनाक है ये अलर्ट

लखनऊ। पंजाब और राजस्‍थान के बाद अब उत्‍तर प्रदेश पर भी हमारे दुश्‍मन देश पाकिस्‍तान से आयीं टिड्डियों का प्रकोप मंडराने लगा हैं। यूपी सरकार ने अपने पड़ोसी राज्य पंजाब और राज्स्‍थान में पाकिस्तानी टिड्डियों के बढ़ते प्रकोप को देखते यहां पर भी एलर्ट जारी कर दिया गया है। मालूम हो कि पाकिस्तान की सीमा से गुजरात, राजस्थान और पंजाब में टिड्डी दलों का हमला होने से कृषि के लिए बहुत गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। चंद सेकेंड में सैकड़ों हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसल को चट कर जाने वाले इन टिड्डी दलों से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली हैं।

बिट्रेन से आधुनिक मशीनें मंगाने का फैसला किया है।

बिट्रेन से आधुनिक मशीनें मंगाने का फैसला किया है।

राज्यों के साथ मिलकर केंद्र सरकार ने इन पाकिस्‍तानी टिड्डियों की समस्या से संयुक्‍त रूप से निपटने की रणनीति तैयार की है। प्रदेश सरकार ने अन्‍य राज्यों के साथ मिलकर युद्ध स्तर इन टिड्यिों को समाप्‍त करने के लिए घरेलू कीटनाशक कंपनियों के साथ केंद्र सरकार ने चर्चा की है। टिड्डी दलों को नष्ट करने के लिए सरकार ने ब्रिटेन से आधुनिक मशीनें मंगाने का फैसला किया है। बता दें पाकिस्तानी सीमा से सटे राजस्थान के बाड़मेर व जैसलमेर जिलों में इसका प्रभाव सर्वाधिक है। गरमी के इस मौसम में खेतों में फसल बहुत कम होने की वजह से टिड्डी दलों का हमला हरे भरे पेड़ों पर हुआ है।

इन शहरों को जारी की गई ये एडवाइजरी

इन शहरों को जारी की गई ये एडवाइजरी

वहीं यूपी कृषि विभाग ने राजस्थान के लगे मथुरा और आगरा समेत आसपास के जिलों के अलावा पंजाब के बाद हरियाणा राज्य से सटे हुए सीमावर्ती जिले शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत को एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि टिड्डियों को नियंत्रित या नष्ट करने के बारे में क्षेत्रीय केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र की ओर से जारी सलाह का पालन करते हुए तत्काल कदम उठाएं जाएं।

पिछले साल भी पाकिस्‍तानी टिड्डियों ने किया था हमला

पिछले साल भी पाकिस्‍तानी टिड्डियों ने किया था हमला

बता दें पाकिस्‍तानी टिड्डियों का यह हमला पिछले साल के आखिरी महीने में भी हुआ था। उस समय सबसे ज्यादा नुकसान राजस्थान व गुजरात की खेती को हुआ था। उस समय भारत के साथ पाकिस्तान ने भी संयुक्त अभियान में हिस्सा लिया था। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधीन टिड्डी नियंत्रण विभाग ने उस समय व्यापक अभियान चलाकर कीटनाशकों का छिड़काव किया था, जिसका लाभ सीमाई पाकिस्तानी क्षेत्रों को भी हुआ था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान को सराहा गया था।

कीटनाशकों का छिड़काव के साथ बजाए जा रहे डीजे वाले स्‍पीकर गानें

कीटनाशकों का छिड़काव के साथ बजाए जा रहे डीजे वाले स्‍पीकर गानें

टिड्डियों के नियंत्रण के लिए फायर ब्रिगेड की सैकड़ों गाडि़यां लगाई गई। पंजाब में टिड्डियों के नियंत्रण के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से मैलाथियान समेत अन्य कीटनाशकों का छिड़काव के साथ ही डीजे वाले बड़े स्पीकरों से गाने बजाए जा रहे हैं। वहीं एकीकृत नाशीजीव केन्द्र की ओर से रात में कई स्थानों पर गड्ढ़े खोदकर या ट्रेंच बनाकर तेज प्रकाश कर टिड्डियों को मारा जा रहा है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र के विशेषज्ञों की एक टीम दिल्ली टीम के सहयोग के लिए राजस्थान के जैसलमेर पहुंच चुकी है। एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से आने वाले टिड्डियों के हमले होते रहे हैं लेकिन अबकि इनके आगे बढ़ने की प्रवृति कहीं अधिक तेज है। लॉकडाउन के कारण प्रदूषण की कमी या किसानों के खास प्रभावी कदम न उठाए जाने के कारण इनका प्रकोप इतना बढ़ गया हैं।

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