Black Turmeric : किसान इस खेती से होंगे मालामाल, 1000 रुपये तक मिलती है एक किलो की कीमत
काली हल्दी की खेती (black turmeric) करने वाले किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। काली हल्दी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। बाजार में इसकी कीमत 1000 रुपये प्रति किलो तक मिलती है।
नई दिल्ली, 11 जून : खेती किसानी में मुनाफे की तलाश कर रहे किसानों के लिए काली हल्दी की खेती अच्छे मुनाफा का श्रोत है। आयुर्वेद के जानकारों के मुताबिक काली हल्दी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। मेडिसिनल गुणों से भरपूर हल्दी की मार्केट में अच्छी डिमांड है। इस कारण काली हल्दी की अच्छी कीमत भी मिलती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक काली हल्दी 1000 रुपये प्रति किलो तक बिकती है।

मुख्य रूप से मध्य और दक्षिण भारत के किसान काली हल्दी की खेती करते हैं। जून के महीने में होने वाली इस खेती के लिए किसान भाई काफी उत्साहित भी रहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि काली हल्दी की खेती में अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती।
ऐसी मिट्टी में करें काली हल्दी की खेती
किसानों के नेटवर्किंग ऐप के रूप में मशहूर मोबाइल एप्लिकेशन- कृषिफाई ऐप पर मौजूद जानकारी के मुताबिक उष्ण जलवायु में काली हल्दी की खेती अच्छी होती है। 15 से 40 डिग्री तापामान और भुरभुरी दोमट मिट्टी काली हल्दी के लिए बेहतर मानी जाती है।
बाजार में डिमांड और कीमत अच्छी
इन परेशानियों को खत्म करती है हल्दी
आंखों में दर्द या किसी भी तरह का संक्रमण ठीक करने में हल्दी काफी मददगार होती है। इसके अलावा हल्दी कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में उपयोगी है। एक नजर-
- कान बहने की समस्या का निदान
- पायरिया में फायदा
- गले की खराश से आराम
- खांसी और पेट दर्द की समस्या दूर करती है हल्दी
- बवासीर और पीलिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के निदान में हल्दी मददगार
- बालों का झड़ना कम करती है हल्दी
- मुंहासों से राहत
- घाव ठीक करने में हल्दी फायदेमंद
- मुंह के छाले ठीक करती है हल्दी
- सूखी खांसी ठीक करने में कारगर
- जोड़ों के दर्द से राहत
- पेट में गैस और कीड़े खत्म करती है हल्दी
महिलाओं के स्तन रोग, प्रदर या ल्यूकोरिया जैसी स्वास्थ्य समस्याएं दूर करने में भी हल्दी काफी काम करती है। कुष्ठ रोग, दाद खुजली और चर्म रोग में फायदा पहुंचाने के अलावा सूजन की परेशानी ठीक करने में भी हल्दी काफी कारगर विकल्प है।
काली हल्दी में भरपूर विटामिन
औषधीय गुणों के लिए लोकप्रिय काली हल्दी की डिमांड कोरोना महामारी के दौरान अधिक बढ़ी। आयुर्वेद, होम्योपैथ और कई जरूरी दवाओं के उत्पादन के दौरान काली हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। महामारी से बचाव के लिए इम्यूनिटी बूस्टर और कई विटामिनों से भरपूर हल्दी में कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे तत्व प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। कच्ची हल्दी का स्वाद कड़वा होता है।
सेहत सुधारने में हल्दी 'सुपर हीरो'
योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक वनस्पतियों से दवाएं बनाने के लिए मशहूर पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि आम तौर से हर भारतीय रसोई में पाई जाने वाली- हल्दी कई रोगों से रक्षा करती है। हल्दी हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली हल्दी के सेवन से संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। शरीर में खून की मात्रा यानी हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में भी हल्दी काफी कारगर है। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों का इलाज कराने में भी हल्दी काफी उपयोगी मानी जाती है।
ये भी पढ़ें- मूंगफली : भरपूर मुनाफे और सेहत का खजाना, हार्ट की बीमारी से बचाव












Click it and Unblock the Notifications