Watch: 'मुझे डर लग रहा', लाश पर पैर रखकर LIVE रिपोर्टिंग, कांपती रूह-आंखों में डर-होठों पर थरथराती चीख!
Who is Brazilian Journalist Lenaldo Frazao: ब्राजील के बाकाबल शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने दुनिया को स्तब्ध कर दिया। एक स्थानीय पत्रकार, लेनिल्डो फ्राजाओ, मेअरिम नदी में लाइव रिपोर्टिंग के दौरान अनजाने में 13 वर्षीय लापता किशोरी रायसा के शव पर पैर रख बैठे। यह खौफनाक पल कैमरे में कैद हो गया।
अब सोशल मीडिया लोग इसे 'रोंगटे खड़े कर देने वाला' और 'न्यूज रिपोर्टिंग का सबसे डरावना लम्हा' बता रहे हैं। आइए, इस दुखद घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई को समझते हैं...

क्या हुआ उस दिन?
30 जून 2025 को, उत्तर-पूर्वी ब्राजील के बाकाबल शहर में मेअरिम नदी के किनारे लेनिल्डो फ्राजाओ एक स्थानीय न्यूज चैनल के लिए 13 वर्षीय स्कूली छात्रा रायसा के लापता होने की खबर कवर कर रहे थे। रायसा को आखिरी बार अपने दोस्तों के साथ नदी में तैरते हुए देखा गया था। नदी की गहराई और तेज धाराओं को दिखाने के लिए फ्राजाओ छाती तक पानी में उतरे।
लाइव प्रसारण के दौरान, जब पानी उनकी छाती तक पहुंचा, फ्राजाओ अचानक घबरा गए। वीडियो में उनकी आवाज में डर साफ सुनाई देता है, 'मुझे लगता है नीचे कुछ है... शायद कोई मछली, या...?' वह कांपते हुए पीछे हटे और बोले, 'यह किसी हाथ जैसा लगा। मैं और नहीं जा सकता, मुझे डर लग रहा है।' यह वह पल था जब उनके पैर अनजाने में रायसा के शव से टकराए।
शव की बरामदगी और जांच
फ्राजाओ की इस प्रतिक्रिया के बाद दमकलकर्मियों और गोताखोरों ने तुरंत खोजबीन शुरू की। कुछ ही घंटों में, उसी स्थान पर रायसा का शव बरामद हुआ, जहां फ्राजाओ खड़े थे। पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि रायसा की मौत डूबने से हुई थी, और शव पर हिंसा या चोट के कोई निशान नहीं मिले। अधिकारियों ने इसे एक दुखद हादसा करार दिया, क्योंकि मेअरिम नदी की तेज़ धाराएं और असमान गहराई तैराकों के लिए खतरनाक हैं।
रायसा की अंतिम विदाई
रायसा का अंतिम संस्कार 30 जून की शाम को हुआ। उसके स्कूल ने तीन दिन का शोक घोषित किया, और स्थानीय समुदाय ने कैंडल मार्च और प्रार्थना सभा के ज़रिए उसे श्रद्धांजलि दी। पड़ोसियों और दोस्तों ने रायसा को एक हंसमुख और पढ़ाई में होनहार लड़की बताया, जिसकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर दिया।
लेनिल्डो फ्राजाओ और न्यूज चैनल ने क्या कहा?
फ्राजाओ ने इस घटना पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। उनके न्यूज चैनल ने बयान जारी कर कहा कि फ्राजाओ स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रोटोकॉल के तहत रिपोर्टिंग कर रहे थे। चैनल ने इसे एक अप्रत्याशित और दुखद घटना बताया, जिसमें पत्रकार की कोई गलती नहीं थी।
मेअरिम नदी का खतरा
फ्राजाओ ने अपनी रिपोर्ट में मेअरिम नदी की खतरनाक प्रकृति पर भी जोर दिया था। उन्होंने बताया कि नदी की असमान गहराई और तेज़ धाराएं तैराकों के लिए जानलेवा हो सकती हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस नदी में पहले कई डूबने की घटनाओं की बात कही, जिसके बाद प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग उठ रही है।
एक दुखद संयोग
यह घटना न केवल रायसा के परिवार और बाकाबल समुदाय के लिए एक त्रासदी थी, बल्कि यह पत्रकारिता के जोखिमों और संवेदनशीलता को भी उजागर करती है। लेनिल्डो फ्राज़ाओ की लाइव रिपोर्टिंग ने अनजाने में एक दुखद खोज को सामने लाया, जिसने रायसा के परिवार को उनकी बेटी की आखिरी खबर दी। लेकिन यह सवाल भी छोड़ गया-क्या ऐसी खतरनाक जगहों पर लाइव रिपोर्टिंग की जरूरत है?
सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग रायसा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इस घटना ने हमें याद दिलाया कि प्रकृति के सामने इंसान कितना असहाय हो सकता है, और पत्रकारिता कितनी अप्रत्याशित हो सकती है।












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