तेलंगाना सरकार ने UNDP के साथ उठाए अहम कदम, किसानों को मिलेगा मौसम का अपडेट
हैदराबाद, 15 जुलाई। तेलंगाना सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के तहत किसानों को जलवायु परिवर्तन से अपडेट करने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। इसके लिए डेटा इन क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर (डीआईसीआरए) अपग्रेड किया जा रहा है।

किसानों को जलवायु परिवर्तन की मार सबसे अधिक झेलनी पड़ती है। इससे फसल की उपज, पोषण गुणवत्ता और पशुधन उत्पादकता काफी प्रभावित होती है। भारत में यूएनडीपी के रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव शोको नोडा की मानें तो जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए डिजिटल तकनीकों में लचीलापन बनाने की अपार संभावनाएं हैं। यूएनडीपी के रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव शोको नोडा का कहना है कि DiCRA के साथ कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए नए जमाने की डेटा-संचालित तकनीक को जोड़ा गया है। पूरे भारत में इस प्लेटफॉर्म के उपयोग को बढ़ाया जाएगा।
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DiCRA मौसम की देगा जानकारी
तीन महीने की अवधि के भीतर, DiCRA ने तेलंगाना में 112,077 वर्ग किमी भूमि में जलवायु परिवर्तनों का विश्लेषण किया है। आईटी मंत्री के टी रामा राव के कार्यालय ने कहा कि अब हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा संचालित खाद्य प्रणालियों और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में तैयार है। रिमोट सेंसिंग और पैटर्न डिटेक्शन एल्गोरिदम का प्रयोग करके फसलों पर मौसम की मार पड़ने से पहले किसानों को मौसम की जानकारी मिल सकेगी। DiCRA खेतों को लेकर सैकड़ों डेटा वैज्ञानिकों और नागरिक वैज्ञानिकों से प्राप्त अनुभवजन्य इनपुट के आधार पर, जलवायु पर विश्लेषण साझा करता है। वहीं यूएनडीपी के प्रशासक अचिम स्टेनर ने कहा कि DiCRA प्लेटफॉर्म किसानों के हाथों में महत्वपूर्ण डेटा और विश्लेषण देगा, जिससे वे अपनी फसलों और पशुओं पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम कर सकेंगे और इस प्रकार उनकी आजीविका और व्यापक खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।












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