तेलंगाना की बीआरएस पार्टी का ओडिशा में विस्तार करने की योजना पर मंडराए संकट के बादल
तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अन्य राज्यों में अपना विस्तार करने की प्लानिंग कर रही थी, लेकिन अब इस में खटाई पड़ती नजर आ रही है। इसकी वजह है कि ओडिशा के प्रमुख नेता जो कुछ समय पहले बीआरएस पार्टी में शामिल हुए थे, उन्होंने निराशा व्यक्त की है।

बता दें जनवरी, 2023 में बीआरएस में शामिल होने के बाद निराश होकर, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग और उनके परिवार सहित अन्य लोगों ने कांग्रेस का रुख किया है।
अपनी पार्टी का तेलंगाना से बाहर ओडिशा में अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए बीआरएस ने 2022 की शुरूआत में ओडिशा में नेताओं की तलाश शुरू कर दी थी।
कुछ मीटिंग और बातचीत के बाद सबसे पहले ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और आठ बार के सांसद गिरिधर गमांग और उनके परिवार के सदस्य बीआरएस में शामिल हुए थे। इनके अलावा पूर्व सांसद और दुर्जेय आदिवासी नेता, जयराम पांगी भी बीआरएस में शामिल हो गए थे।
जनवरी 2023 में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की मौजूदगी में नेताओं और कार्यकर्ताओं को हैदराबाद ले जाया गया। जिसके बाद तेलंगाना में विशेष रूप से दक्षिणी इलाकों में बीआरएस की संभावनाओं के बारे में तेलंगाना सीएम गदगद नजर आए।
हालांकि ये उत्साह और खुशी कुछ समय तक की ही रही। बीआरएस को अपनाने वाले अधिकांश नेता पार्टी से मिलने वाले धन की मदद से अपने राजनीतिक करियर को पुनर्जीवित करने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन नेतृत्व अचानक खामोश हो गया। हैदराबाद में समारोह के बाद भव्य योजना आगे विकसित नहीं हुई। ओडिशा में बीआरएस की संगठनात्मक संरचना को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।












Click it and Unblock the Notifications