तेलंगाना: किसानों को 24 घंटे बिजली वाले बयान पर घिरे कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी, बचाव में उतरी पार्टी
हैदराबाद: तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने किसानों को लेकर बिजली के मुद्दे पर कुछ ऐसा बयान दिया, जिसके बाद एक तरफ वो बीआरएस के निशाने पर आ गए तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी भी डेमेज कंट्रोल मोड पर काम कर रही है।
रेवंत के बयान ने बीआरएस को अपने कार्यकर्ताओं से राज्य भर में कांग्रेस के पुतले जलाने का आह्वान करने के लिए प्रेरित किया, जबकि सबसे पुरानी पार्टी ने बिजली उपकेंद्रों के सामने जवाबी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।

इधर, कांग्रेस नेताओं ने डेमेज कंट्रोल की कवायद भी शुरू की और दावा किया कि यह उनकी पार्टी थी, जिसने कृषि क्षेत्र में मुफ्त बिजली की शुरुआत की थी।
किसानों को मुफ्त 24x7 बिजली के प्रावधान पर अपने विचार व्यक्त करते हुए रेवंत ने कहा था कि लगभग 95% किसानों के पास तीन एकड़ से कम जमीन है और उन्हें 8 घंटे से अधिक बिजली की आवश्यकता नहीं है।
डैमेज कंट्रोल मोड में कांग्रेस नेता
रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में 95 प्रतिशत किसानों के पास तीन एकड़ से कम जमीन है। एक एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए एक घंटे की बिजली आपूर्ति पर्याप्त है, इस प्रकार तीन एकड़ भूमि के लिए तीन घंटे की बिजली आपूर्ति पर्याप्त होगी। बिजली कंपनियों से कमीशन की खातिर, मुख्यमंत्री केसीआर ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति का नारा गढ़ा है। केसीआर मुफ्त बिजली के नाम पर लोगों को धोखा दे रहे हैं।
रेवंत ने कहा, ''फ्रीबीज का इस्तेमाल हमारे स्वार्थ के लिए नहीं किया जा सकता, जिसके बाद उनके बयान का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विरोध का सामना करते हुए टीपीसीसी अभियान समिति के अध्यक्ष मधु यास्खी और पूर्व सांसद पोन्नम प्रभाकर ने बीआरएस पर रेवंत के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।
वहीं ट्विटर पर अपना स्पष्टीकरण जारी करते हुए रेवंत ने कहा कि बीआरएस सरकार 24 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी सबस्टेशन में जाकर 12 घंटे भी गुणवत्तापूर्ण बिजली की कमी का सबूत इकट्ठा किया जा सकता है।












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