महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग से दूर रहे तेलंगाना के ये तीन सांसद, हो रही आलोचना
संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण बिल पास हो गया है। संसद में बिल पेश होने से इसके पास होने तक विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस बिल का क्रेडिट लेती नजर आई। सोनिया गांधी ने पहले ही दिन से कहना शुरू कर दिया था कि ये तो हमारा बिल है। संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस ने इस बिल के पास होने में समर्थन भी किया। हालांकि महिला आरक्षण विधेयक के प्रति कांग्रेस सांसदों विशेषकर तेलंगाना के सांसदों की ईमानदारी संदेह के घेर में आ चुकी है। जानिए क्यों?

दरअसल, तेलंगाना के सांसदों की महिला आरक्षण विधेयक के प्रति छवि इसलिए धूमिल हो गई क्योंकि राज्य के तीन शीर्ष नेता और सासंद विधेयक के मतदान से दूर रहे। तेंलगाना के ये तीन सांसद ए रेवंत रेड्डी, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी और एन उत्तम कुमार रेड्डी हैं।
जिन्हें महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग से दूरी बनाने के बाद भारी आलोचना झेलनी पड़ रही है। इतना ही नहीं उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। मजेदार बात तो ये है कि तेलंगाना कांग्रेस के ये तीनों सांसद संसद सत्र में मौजूद रहे, विशेष सत्र में भाग लेने के बावजूद इन्होंने महिला आरक्षण पर हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
तेलंगाना के इन तीनों सांसदों ने बिल पर मतदान का बहिष्कार करने का फैसला किया। जहां कई सांसदों ने 33 प्रतिशत आरक्षण के अंदर महिलाओं के लिए ओबीसी आरक्षण के लिए संशोधन की बात रखी वहीं कांग्रेस के तेलंगाना के अपने शीर्ष तीन नेताओं ने मतदान ना करके विधेयक के प्रति अपना दृष्टिकोण प्रकट किया है।
बता दें भाजपा ने जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग की है लेकिन तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी बीआरएस ने महिलाओं के लिए ओबीसी आरक्षण और विधेयक के प्रावधानों को तत्काल लागू करने पर जोर दिया।












Click it and Unblock the Notifications