आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की दमदार वापसी, अब 2024 पर निगाहें
सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू को 1990 के दशक के मध्य में कम से कम दो गैर-कांग्रेसी विपक्षी नेताओं एचडी देवेगौड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है।

आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब मुश्किल से एक साल बचा है। और, मार्च के दूसरे और तीसरे सप्ताह में हुए आंध्र प्रदेश विधान परिषद के चुनावों ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू को एक संजीवनी प्रदान कर दी है।
चंद्रबाबू नायडू को 1990 के दशक के मध्य में कम से कम दो गैर-कांग्रेसी विपक्षी नेताओं एचडी देवेगौड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। लेकिन, 2019 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ा झटका लगा और शर्मनाक हार मिली। इस चुनाव ने नायडू के चार दशक से भी अधिक समय के उनके लंबे राजनीतिक करियर को एक गहरी चोट दी।
स्नातकों के कोटे के तहत हुए एमएलसी चुनाव में सभी सीटें विपक्ष के खाते में चली गईं, जिसमें तीन सीटें टीडीपी को मिलीं। स्नातकों के लिए आरक्षित इस चुनाव में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस (वाईएसआरसी) को एक भी सीट नहीं मिली। जगन मोहन रेड्डी सरकार के लिए सबसे ज्यादा शर्मनाक बात यह रही कि सत्तारूढ़ दल के चार विधायकों के मौन समर्थन से टीडीपी विधायक कोटे से भी एक सीट जीत रही है।
2019 के बाद से यह टीडीपी के लिए आशा की पहली किरण है क्योंकि पार्टी का कहना है कि उन्हें सत्तारूढ़ दल द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन दाखिल करने से भी रोका गया था। टीडीपी ने तिरुपति लोकसभा सीट और बडवेल और आत्माकुर विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों में उम्मीदवार उतारने से भी परहेज किया था। नायडू ने परिषद चुनावों के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि वो लड़ाई से बाहर नहीं हैं, बल्कि तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ जगन मोहन रेड्डी ने हालांकि 2019 में 175 विधानसभा सीटों में से 151 जीतकर सत्ता में वापसी की थी, लेकिन उनके चार साल के शासन के में उठी सत्ता विरोधी लहर के कारण उन्होंने जमीन खो दी है। जगन मोहन रेड्डी अपनी पार्टी के निर्विवाद नेता हैं, लेकिन अब उन्हें अपने ही विधायकों के समूह में बगावत के संकेत मिल रहे हैं। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वह अपनी पार्टी पर भी पकड़ खो रहे हैं।









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