हरियाणा में उद्योगों के अनुरूप युवाओं का हो कौशल विकास: CM मनोहर लाल
सीएम खट्टर ने कहा कि, वे उद्योगों में कौशल की डिमांड अनुसार और उनकी वांछित आवश्यकता को पूरा करने के लिए युवाओं को कौशल वृद्धि का प्रशिक्षण प्रदान करें।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने पर बल देते हुए युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उद्योगों में कौशल की डिमांड अनुसार और उनकी वांछित आवश्यकता को पूरा करने के लिए युवाओं को कौशल वृद्धि का प्रशिक्षण प्रदान करें। मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों को आयु वर्ग अनुसार सौंपे गए कार्य की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को स्कूल से बाहर आंगनबाड़ी केंद्रों, मदरसों में जाने वाले बच्चों की पहचान करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से गुरुकुल और अन्य निजी संस्थान के बच्चों का भी नियमित रूप से डाटा अपडेट और अपलोड करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का डाटा एकत्रित करने और रिकॉर्ड मेंटेन रखने तथा डाटा सत्यापन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को राज्य में 0-6 वर्ष के बच्चों में कुपोषण को कम करने के लिए, बच्चों के बॉडी मास इंडेक्स का आकलन करने और इसे सप्ताह में दो बार राज्य के नागरिक संसाधन सूचना विभाग द्वारा राज्य व केंद्र सरकार के भारत पोषण पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवार में एकल सदस्य, कॉलेज के छात्रों, कार्यरत युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, निर्माण श्रमिकों और विकलांग व्यक्तियों के डाटा को सीआरआईडी के डैशबोर्ड पर परिवार पहचान पत्र में तारीख के साथ नियमित रूप से अपलोड और अपडेट करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में एकल बच्चों या अनाथ बच्चों की पहचान करने और उन्हें सरकार द्वारा स्थापित बाल देखभाल गृहों में पंजीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 6 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के नागरिकों की जन्म तिथि और आधार कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए क्योंकि स्कूल शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों को उनके स्कूल के आसपास के नागरिकों का डाटा सत्यापन और अपडेट करने का कार्य सौंपा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रदेश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के डाटा का रखरखाव कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य परिवार पहचान-पत्र के माध्यम से लोगों की जरूरतों को समझना और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। साथ ही, प्रत्येक पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से दिलाने का प्रयास हो रहा है।












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