सलमान खुर्शीद बोले-यूपी में कांग्रेस पर जनता करेगी भरोसा, ये पहचान की लड़ाई है
नई दिल्ली, 31 जनवरी: पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद फर्रुखाबाद सदर सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी हैं। उनका नामांकन कराने आए पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से दैनिक भास्कर ने बातचीत की। इस दौरान पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, प्रियंका गांधी ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विधानसभा चुनाव में नारा दिया है 'लड़की हूं लड़ सकती हूं'। उन्होंने कहा, प्रियंका गांधी का मानना है, कि जिन महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है, वह महिलाएं आगे निकल कर आएंगी। हमको और हमारे इस लक्ष्य को कामयाब करेंगी।

सवाल: आपकी पत्नी सदर सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी हैं। इससे नाराज होकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बसपा में चले गए।
जबाब: बसपा में जाकर हमारे लिए काम करेंगे क्या ? चले गए सो चले गए। लोकतंत्र में जिसका जहां मन होता है, मन लगता है, वहीं जाता है। वह सिर्फ छोड़कर गए होते तो प्रश्न होता कि जब कुछ नहीं मिला तो क्यों गए। बसपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है। दुख इस बात का है कि उनसे, उनके परिवार से हमारा गहरा रिश्ता था। उनके पिता जी ने हमको चुनाव लड़ाया था। वहां जाकर उन्हें क्या मिलेगा, क्या नहीं मिलेगा यह तो समय बताएगा।
सवाल: यूपी में जिस तरीके से टिकटों का बंटवारा किया है, 'लड़की हूं लड़ सकती हूं', इस संदर्भ में क्या कहना है।
जवाब: प्रियंका गांधी ने बहुत सोच-समझ कर निर्णय लिया है। वह चाहती हैं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में परिवर्तन हो, महिलाओं को भागीदारी मिले और उनको पूरे अधिकार मिलें। इसलिए उन्होंने कहा है कि प्रदेश में 40% महिलाओं को प्रत्याशी बनाएंगी। प्रियंका गांधी का मानना है कि आज काम करेंगे तो आगे सफल होंगे।
सवाल: यूपी में सपा और भाजपा की लड़ाई देखी जा रही है। यहां कांग्रेस की स्थिति क्या है?
जबाब: कांग्रेस की स्थिति यह है कि हम पीछे थे और पीछे से आगे आने के प्रयास में जुटे हैं। हम अपनी पहचान उत्तर प्रदेश में फिर एक बार उजागर करेंगे। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की पहचान बनाना अति आवश्यक था। प्रियंका गांधी ने नया नारा दिया और नया विश्वास पैदा किया।
सवाल: फर्रुखाबाद के लिए ऐसा आपने क्या किया, जो यहां की जनता आपको वोट दे?
जबाब: कभी कोई नकारात्मक बात नहीं करनी चाहिए। अगर मैं एक आलू लेकर आया हूं तो मुझसे कोई पूछे एक ही आलू लेकर आए हो और उससे भी तो पूछो कि तुम भी कुछ लाए हो। विपक्षी पार्टियों ने यहां ज्यादा दिन अपना वर्चस्व बनाकर राज किया है। मैं केंद्र में था। मैंने जो किया, उसको क्या गिनाऊं क्या? देख ही रहे हो फर्रुखाबाद को। जो भी कुछ मुझसे हो सका, वह किया, लेकिन साथ-साथ एक बात और है कि दूसरे लोग कुछ क्यों नहीं करते हैं, हमने जो देश के लिए किया है। वह फर्रुखाबाद के ही खाते में जाएगा।
सवाल: कांग्रेस के दिग्गज नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, इस संदर्भ में क्या कहना है?
जबाब: आपकी बात से लगता है मैं दिग्गज नहीं हूं, मैं बहुत छोटा हूं। मैं भी अगर दिग्गज हूं तो मैं यहां बैठा हूं, जो पार्टी छोड़ गया वह दिग्गज नहीं है। प्रियंका गांधी ने एक बात कही है कि यह चुनाव बहुत कठिन है। जिसका हम सामना कर रहे हैं। इस कठिन चुनाव में जो लड़ने के लिए खड़े होकर विश्वास के साथ पार्टी का झंडा नहीं थाम रहा है, उसको दिग्गज कहना अच्छा नहीं लगता है। जो चले गए वह चले गए, उनको मेरा नमन है। मेरी शुभकामनाएं हैं। जब वह हमसे दुखी हो गए तो उनसे कब दुखी होंगे, इसका तो कुछ संकेत दे दें।
सवाल: आपके दिग्गज होने का फायदा आपकी पत्नी उठाती हैं और वह संगठन की बात नहीं मानती हैं। ऐसा आरोप पूर्व जिला अध्यक्ष विजय कटियार का है।
जबाब: जिला संगठन का सबसे ज्यादा महत्व होता है। हम लोग जिला संगठन से ही जुड़े हैं। पूर्व जिला अध्यक्ष द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार हैं। संगठन से ऊपर कोई नहीं हो सकता। विजय कटियार मेरे छोटे भाई हैं। उनसे एक ही बात कहनी है। उन्होंने नया चैप्टर जिंदगी का खोला है, उस चैप्टर में कुछ अच्छा लिखें।
सवाल: लगातार आपकी पत्नी चुनाव हारती रही हैं, क्या लग रहा है इस बार ?
जबाब: एक दफा हारना लगातार नहीं हो जाता है। अभी तक मैडम एक बार सदर सीट से चुनाव हारी हैं। वह लगातार नहीं है। लगातार तो मैं कई बार चुनाव हारा हूं। जैसे अर्जुन लक्ष्य के समय चिड़िया की आंख पर ध्यान रखते हैं। वैसे ही मेरा जो आज का लक्ष्य है, मैं उस पर ध्यान रख रहा हूं।












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