हरियाणा में अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने के लिए अब RWA की जरूरत नहीं, CM खट्टर ने की घोषणा
हरियाणा में अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने के लिए अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की जरूरत नहीं होगी। इस शर्त को हटा दिया गया है।
अब अनियमित कॉलोनी का कोई भी व्यक्ति कॉलोनी को नियमित करने के लिए आवेदन करेगा तो उसे अप्रूव कर दिया जाएगा। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों को एक महीने में कैंप लगाकर ठीक कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को प्रॉपर्टी आईडी के लाभार्थियों से ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि सभी 88 शहरी स्थानीय निकायों में सर्वे के आधार पर 46 लाख प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई हैं। इनमें नियमित कॉलोनियों में 36 लाख और अनियमित कॉलोनियों में 10 लाख संपत्तियों की प्रॉपर्टी आईडी बनी है। इन प्रॉपर्टी आईडी को नवंबर में पोर्टल पर अपलोड किया गया ताकि संपत्ति मालिक स्वयं अपनी प्रॉपर्टी आईडी को सत्यापित कर सकें। हालांकि केवल डेढ़ लाख प्रॉपर्टी मालिकों ने ही प्रॉपर्टी आइडी को सत्यापित किया है।
पांच लाख आपत्तियों का किया समाधान
अभी तक प्रॉपर्टी आईडी में लगभग आठ लाख 35 हजार आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से पांच लाख 64 हजार आपत्तियां दूर की जा चुकी हैं। विगत शनिवार और रविवार को आयोजित विशेष कैंप में 20 हजार आपत्तियां प्राप्त हुई थी जिनमें 19 हजार आपत्तियों को ठीक किया जा चुका है।
इस साल 1000 अवैध कालोनियां होंगी नियमित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी बनाने का उद्देश्य अवैध कलोनी बसने से रोकना है। इसके लिए अनियमित क्षेत्र में रजिस्ट्रियां बंद करनी पड़ी। सरकार ने अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने का अभियान चलाया है। अभी तक 2000 कॉलोनियों को नियमित करने के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनका सर्वे किया जा रहा है। इस वर्ष 1000 से अधिक कालोनियों को नियमित करने का लक्ष्य रखा है। सर्वे के बाद कॉलोनियों को अप्रूव किया जाएगा।
सेक्टरों में प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद बेचे जाएंगे प्लॉट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जब भी नए सेक्टर डेवलप किए जाएंगे तो प्लॉट काट कर तभी बेचे जाएंगे, जब हर प्लॉट की पहले से प्रॉपर्टी आईडी बनी होगी। इसी प्रकार कोई डेवलपर अगर मकान बनाकर बेचेगा तो बेचने से पहले कितने मकान बने हैं, उनके हिसाब से सभी की प्रॉपर्टी आईडी पहले से बनाएगा। कई मंजिला मकान बने हुए हैं, उनमें भी हर मंजिल की भी अलग प्रॉपर्टी आईडी होगी।
सीएम ने बताया कि अनेक प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में फोन नंबर नहीं हैं। फोन नंबर को एकत्र करने के लिए लगभग 1000 कर्मियों को सर्वे की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी जो घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।












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