पंजाबी दिवस की मंत्री धालीवाल ने दी बधाई, कहा- मातृभाषा का सम्मान करना हमारा नैतिक फर्ज
पंजाब के कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायत और प्रवासी मामलों सम्बन्धी मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अधीन अपने विभागों से सम्बन्धित अधिकारियों को समूचा कामकाज पंजाबी भाषा में करना यकीनी बनाने के आदेश दिए हैं।

चंडीगढ़: पंजाब के कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायत और प्रवासी मामलों सम्बन्धी मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अधीन अपने विभागों से सम्बन्धित अधिकारियों को समूचा कामकाज पंजाबी भाषा में करना यकीनी बनाने के आदेश दिए हैं।
धालीवाल ने समूचे पंजाबियों को 'पंजाबी दिवस' (21 फरवरी) की बधाई देते हुये कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बड़ा फ़ैसला करते हुये राज्य भर में सभी बोर्डों पर पंजाबी भाषा को प्रमुख प्राथमिकता देने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हर तरह के सरकारी, प्राईवेट या अन्य बोर्डों पर सबसे ऊपर पंजाबी भाषा लिखनी लाज़िमी की है, इसके बाद कोई भी भाषा लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा इन हुक्मों की पालना न करने पर जुर्माने भी किये जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने अपने विभागों से सम्बन्धित सीनियर अधिकारियों और ज़िला अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि अपने दफ्तरों के सभी बोर्डों, नोटिस बोर्डों और दफ़्तरों के नाम लिखने में पंजाबी को पहल दी जाये और बाकी भाषाएं पंजाबी के बाद लिखीं जाएँ। उन्होंने समूचे पंजाबियों से अपील करते हुये कहा कि वह पंजाबी मातृभाषा को अपने परिवारों में जिंदा रखना यकीनी बनाएं।
धालीवाल ने समूचे पंजाबी भाईचारे को न्योता देते हुये कि पंजाबी हमारी मातृभाषा है और अपनी मातृभाषा को मान-समान और प्राथमिकता देना हम सबका नैतिक फ़र्ज़ बनता है। पंजाबी 150 देशों में बोली जाती है। उन्होंने यूएन ओ की एक रिपोर्ट हवाला देते हुये कहा कि दुनिया भर की 7000 भाषाओं में से पंजाबी को 12 स्थान प्राप्त है। इस रिपोर्ट में अगले 50 सालों के दौरान 2000 भाषाएं ख़त्म होने का अंदेशा जाहिर किया गया है, जिनमें से पंजाबी भी एक है। उन्होंने कहा कि मातृ-भाषा पंजाबी को प्रफुल्लित करने के लिए राज्य सरकार हर सार्थक कदम उठाऐगी।












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