कुरुक्षेत्र से हरियाणा के लोगों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी ये तीन सौगात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर ब्रह्मसरोवर पहुंची। उन्होंने सबसे पहले ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तम बाग में पूजा की। इसके बाद श्री कृष्ण अर्जुन रथ के पास आहुति दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र पहुंचीं। राष्ट्रपति ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव के विधिवत शुभारंभ के साथ ही मुख्य कार्यक्रमों की भी शुरुआत हुई। राष्ट्रपति करीब पांच घंटे में कुरुक्षेत्र में रहेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर ब्रह्मसरोवर पहुंची। उन्होंने सबसे पहले ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तम बाग में पूजा की। इसके बाद श्री कृष्ण अर्जुन रथ के पास आहुति दी। फिर राज्यपाल और हरियाणा सरकार के मंत्री के साथ श्री कृष्ण अर्जुन रथ के सामने फोटो खिंचवाई। इसके बाद राष्ट्रपति कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के लिए रवाना हुईं। वहीं, ब्रह्मसरोवर में पूजन के दौरान पूर्वजों को याद करते हुए राष्ट्रपति भावुक हो गईं।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति ने यूनिवर्सिटी की स्मारिका का विमोचन किया। वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि राष्ट्रपति कर्मयोगिनी हैं। उन्होनें अपने कर्म से एक छोटे से गांव से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया है। वहीं, गीता महोत्सव के बारे में बताते हुए कहा कि अब प्रदेश सरकार ने कृष्णोत्सव मनाने का फैसला किया है।
गीता के महत्व को देखते हुए स्कूली शिक्षा में इसे शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के सहयोग से कुरुक्षेत्र को महापर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा की गीता के पठन पाठन को आम नागरिक तक पहुंचाने के लिए ही इस तरह का कार्यक्रम किया जा रहा है। गीता ने पूरे विश्व को नई राह दिखाई है।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति ने संबोधन शुरू किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा की गीता की जन्म स्थली कुरुक्षेत्र में पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। इस तरह की मान्यता है की कुरुक्षेत्र में आने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां के निवासी स्वर्ग में वास करते हैं। यह उनका सौभाग्य है और भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद कि वह पहली बार हरियाणा में गीता की जन्म स्थली पर ही पहुंची हैं। उनकी पहली यात्रा धर्मनगरी की है।
उन्होंने कहा, लोक मान्य बाल गंगाधर तिलक और महत्मा गांधी ने भी गीता से प्रेरणा ली ओर गीता की शिक्षाओं ने उनका मार्ग दर्शन किया और उन्हें उत्साह व ताकत दी। उन्होंने प्रदेश सरकार की तीन परियोजनाओं का रिमोट दबाकर शुभारंभ करते हुए कहा की प्रदेश सरकार गीता की शिक्षाओं पर काम कर रही है।
राष्ट्रपति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद् गीता सदन में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का शुभारंभ करने के साथ प्रदेश की तीन परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगी। इसके बाद वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में 18वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी।












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