ओडिशा: नवीन सरकार की नीति का असर, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में हुआ सुधार
ओडिशा में पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में जबरदस्त सुधार हुआ है। लेकिन विदेशी पर्यटक बौद्ध स्थलों को देखने से चूक जाते हैं। क्योंकि, बौद्ध स्थलों को अभी भी विदेशी पर्यटकों का हिस्सा नहीं मिला है।
साथ ही राज्य के डायमंड ट्राइएंगल माने जाने वाले रत्नागिरी, ललितगिरि और उदयगिरि के तीन स्थलों पर 2022 में 20 प्रतिशत से भी कम विदेशी पर्यटक आए हैं।

पिछले पांच वर्षों के पर्यटक आगमन के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान विदेशी पर्यटकों का आगमन धीरे-धीरे कम हआ है। कटक जिले के ललितगिरि में 2019 में 47809 घरेलू यात्री और 367 विदेशी पर्यटक आए थे। वहीं, 2018 में यह संख्या 45471 घरेलू और 351 विदेशी थी।
2020 में मार्च तक 19924 घरेलू पर्यटक और 186 विदेशी यात्री यहां आए। 2021 में यह संख्या 18743 घरेलू और केवल पांच अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की थी। पिछले साल 42 विदेशी यात्रियों ने इस स्थल का दौरा किया, जबकि घरेलू आगंतुकों के मामले में यह संख्या 22241 थी। इसी तरह जाजपुर जिले के रत्नागिरी और उदयगिरि में 2019 में 78100 घरेलू पर्यटक और 1041 विदेशी पर्यटक आए थे। 2018 में यह संख्या 74023 घरेलू पर्यटक और 911 अंतरराष्ट्रीय पर्यटक थे। 2020 में कोविड के प्रकोप से पहले जनवरी से मार्च के बीच इन स्थलों पर 12733 घरेलू पर्यटक और 243 अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए थे।
जहां 2021 में विदेशी पर्यटकों की संख्या घटकर 14 रह गई, वहीं पिछले साल यह बढ़कर सिर्फ 23 हो गई। 2021 और 2022 में स्थलों पर घरेलू पर्यटक 13965 और 12603 थे। पास के लांगुडी में अभी तक कोई विदेशी पर्यटक नहीं आया है। तीन स्थलों में से किसी में भी और लांगुडी में अभी तक भोजनालयों सहित कोई पर्यटक सुविधाएं नहीं हैं।
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