चंद्रगिरी में बसे तिब्बती शरणार्थियों के बीच ओडिशा सरकार ने किया रियायती दर पर चावल का वितरण

आपको बता दें कि 1963 में समझौता होने के बाद से लगभग 2,700 तिब्बती शरणार्थी चंद्रगिरि के पास पांच शिविरों में रह रहे हैं। चंद्रगिरि के अलावा, गजपति में जिरंगा, महेंद्रगढ़, लाबरसिंह और टेकिली पडार में भी शिविर लगाए गए थे।

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ओडिशा सरकार ने रविवार को गजपति जिले के चंद्रगिरी इलाके में बसे तिब्बती शरणार्थियों को रियायती दर पर चावल वितरित किए। पहले चरण में राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम (SFSA) के तहत 80 तिब्बतियों को इसका लाभ मिला और प्रत्येक को 5 किलो चावल प्रदान किए गए।

गजपति के कलेक्टर लिंगराज पांडा ने बताया, 'ओडिशा सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इन परिवारों को कवर करने के जिला प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद, तिब्बती शरणार्थियों के बीच SFSA के तहत रियायती दर पर चावल प्रदान किया गया है। इन परिवारों को पिछले कुछ महीनों से एसएफएसए और बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) के तहत शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तिब्बती राशन कार्ड धारक भी बीएसकेवाई के तहत लाभ पाने के हकदार हैं।'

आपको बता दें कि 1963 में समझौता होने के बाद से लगभग 2,700 तिब्बती शरणार्थी चंद्रगिरि के पास पांच शिविरों में रह रहे हैं। चंद्रगिरि के अलावा, गजपति में जिरंगा, महेंद्रगढ़, लाबरसिंह और टेकिली पडार में भी शिविर लगाए गए थे। कलेक्टर लिंगराज पांडा ने बताया कि बचे हुए लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से इसमें कवर किया जाएगा

एक तिब्बती शरणार्थी पेमा ने बताया कि हम खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभों को हम तक पहुंचाने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं। हमारे परिवारों को यहां बनाए रखने के लिए यह सहयोग हमारे लिए बहुत मददगार होगा।

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