Natural farming: हरियाणा में बनेंगे इस तरह की खेती के 100 कलस्टर, 2500 एकड़ में कार्यक्रम
चंडीगढ़। हरियाणा के सीएम मनोहरलाल ने कहा है कि इस समय आर्गेनिक उत्पादों की मांग बढ़ रही है. इन उत्पादों की कीमत भी बाजार में बहुत अधिक है. इसलिए इस बजट में जीरो बजट प्राकृतिक खेती पर एक नया कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है. प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन साल का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू होगा. प्रदेश में 100 कलस्टर्स बनेंगे. हर कलस्टर में कम से कम 25 एकड़ भूमि पर यह प्रयोग शुरू किया जाएगा. इस कार्यक्रम के तहत प्रमाणन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और पहले तीन वर्षों में उत्पादन की हानि पर मुआवजे के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा.

मनोहरलाल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस कार्यक्रम से किसान आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे, जो उनकी आय में बढ़ोतरी का प्रमुख साधन बनेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों द्वारा 1500 करोड़ रुपए की राशि प्रीमियम के रूप में दी गई, जबकि उन्हें 4729 करोड़ रुपए की राशि के क्लेम मिले हैं. मोदी सरकार ने दिसंबर 2021 में गुजरात में प्राकृतिक खेती में एक बड़ा कार्यक्रम किया था. जिसमें प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने केमिकल फ्री खेती करने का आह्वान किया था. इसके बाद बीजेपी शासित सरकारें इस पर काफी जोर दे रही हैं.

प्राकृतिक खेती के लिए दो अहम निर्णय
हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दो अहम निर्णय लिए हैं. पहला प्राकृतिक कृषि बोर्ड बनेगा. दूसरा अगर ऐसी खेती करने वालों को नुकसान हो गया तो उसकी भरपाई सरकार करेगी. प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रमोट करने के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट रखा है. लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए सम्मेलन होगा. हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का गुरुकुल है, जहां करीब 200 एकड़ के फार्म में प्राकृतिक खेती होती है.
क्या है फायदा
आचार्य देवव्रत ने एक बार दावा किया था कि फर्टिलाईजर व कीटनाशक का इस्तेमाल करने वाले किसानों के खेतों में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.3 से 0.4 परसेंट से ज्यादा नहीं है, जबकि कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में यह 0.8 से ऊपर है. बता दें कि ऑर्गेनिक कार्बन में सारे पोषक तत्वों का सोर्स होता है. कहने का मतलब ये है कि नेचुरल फार्मिंग से धीरे-धीरे खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी. उनका यह भी दावा था कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन नहीं घटता है. इस समय देश के 11 राज्यों के 6.5 लाख हेक्टेयर में किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. ऐसी खेती के कृषि उत्पाद महंगे बिकते हैं।












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