ओडिशा के 10 हजार से ज्यादा गांव हुए बाल विवाह के अभिशाप से मुक्त- महिला एवं बाल विकास विभाग
पिछले 2 सालों में ओडिशा के 10000 से ज्यादा गांवों में बाल विवाह प्रथा पूरी तरह समाप्त हो गई है।
भुवनेश्वर, 19 जनवरी। पिछले 2 सालों में ओडिशा के 10000 से ज्यादा गांवों में बाल विवाह प्रथा पूरी तरह समाप्त हो गई है। राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि साल 2019 में ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की योजना बनाने और 18 साल के कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के की शादी पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के लिए किए गए प्रयासों के बाद विभाग 10,000 से ज्यादा गांव को बाल विवाह प्रथा से मुक्त कराने में कामयाब हो सका है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव भास्कर ज्योति ने कहा कि इस योजना के तहत हमने ग्रामीण स्तर पर इस तरह की शादियों की जानकारी हासिल करने के लिए कठोर प्रबंधन सूचना प्रणाली तैयार की, अपने प्रयासों में हमने आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, पंचायती राज संस्थान के लोगों और गांव के बुजुर्गों को शामिल किया। उन्होंने कहा कि अभी हमें मीलों का सफर तय करन है और उम्मीद है हमें इसमें सफलता मिलेगी।
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साल 2015-16 में कराये गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के मुताबिक ओडिशा में लड़कियों के बाल विवाह की दर 21.3 प्रतिशत थी, जो कि राष्ट्रीय दर 26.8 से कम थी। वहीं 2019-21 में कराए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के मुताबिक ओडिशा में लड़कियों के बाल विवाह की दर घटकर 20.5 रह गई, जो दर्शाती है कि राज्य में बाल विवाह को कम करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।












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