MLC कविता ने कहा, 'विधायी निकायों में आरक्षण के लिए आगे आकर आवाज उठाएं महिलाएं'
एमएलसी कविता ने कहा 'शिक्षा के अलावा महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाकर सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहिए।

तेलंगाना की एमएलसी के. कविता ने महिलाओं से विधायी निकायों में महिला आरक्षण के लिए लड़ने का आह्वान किया है। इस मुद्दे को प्रमुख तौर से उठाने के लिए कविता 10 मार्च को दिल्ली में भी धरना देगी। कविता ने सोमवार को करीमनगर शहर के बाहरी इलाके में एलएमडी कॉलोनी में महिला दिवस समारोह के तहत आयोजित 'नारी प्रभात भेरी' कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए एमएलसी कविता ने महिलाओं के विकास के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए सोसायटी फॉर एलिमिनेशन ऑफ रूरल पॉवर्टी (एसईआरपी) के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के विकास के लिए कदम उठा रही है। कविता ने बताया कि तेलंगाना एकमात्र राज्य है, जिसने स्वयं सहायता समूहों की 54 लाख महिलाओं को 18,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है। उन्होंने राज्य में सीए और वीएओ के लिए समान ड्रेस कोड बनाए रखने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया।
एमएलसी कविता ने कहा, 'शिक्षा के अलावा महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाकर सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहिए। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने योजनाओं का उपयोग करने के लिए महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा किया है। सभी सुविधाओं के अलावा, तेलंगाना में स्कूलों और कॉलेजों की संख्या का भी विस्तार किया गया है। महिलाओं को शैक्षिक संस्थानों का उपयोग करके उच्च अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही एकमात्र ऐसी चीज है जो जीवन भर महिलाओं के साथ चलती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'लड़कियों को उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के साथ-साथ उन्हें हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। महिलाओं को व्यावसायिक क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा साबित करनी चाहिए। 24 घंटे बिजली देने के अलावा राज्य में 20,000 उद्योगों को भी लाया गया है। इन उद्योगों में 20 लाख नौकरियां भी दी गईं।'












Click it and Unblock the Notifications