मध्य प्रदेश सरकार सूखे का संकट टालने का कर रही पूरा प्रयास: सीएम शिवराज सिंह
सीएम शिवराज ने कहा कि अभी भादौ चल रहा है। मैं भी भगवान से प्रार्थना करूंगा आप भी प्रार्थना करें कि बारिश एक बार जरूर हो जाए, ताकि हम फैसले बचा सकें और बाकी व्यवस्थाएं भी ठीक चलती रहें।
मध्यप्रदेश में अगस्त लगभग सूखा बीत गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बारिश के लिए प्रार्थना करने के लिए कहना पड़ा। भोपाल में 66 नई दीनदयाल रसोई के शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रात भर परेशान रहा, क्योंकि पूरा अगस्त सूखा गया। इस कारण बांध पूरे नहीं भरे। बिजली की डिमांड भी एकदम बढ़ गई है, क्योंकि फसलें अगर बचाना है तो पानी देना है। ऐसी डिमांड आज तक कभी नहीं आई।
3 साल से सितंबर में अच्छा बरस रहा मानसून
मध्यप्रदेश में मानसून के लिहाज से सितंबर का महीना भी खास रहता है। जुलाई-अगस्त के बाद बचा कोटा सितंबर की बारिश पूरा कर देती है। पिछले 10 में से 5 साल बारिश ने सितंबर का कोटा पूरा किया है, लेकिन इस बार ऐसी उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अबकी बार सामान्य की 50% बारिश होने का ही अनुमान है। इसकी वजह स्ट्रॉन्ग सिस्टम का एक्टिव नहीं होना है।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह के अनुसार 4 से 5 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव हो रहा है। 6 से 7 सितंबर तक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो सकता है। इससे पूर्वी हिस्से में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। यह सिस्टम 18 से 19 सितंबर तक एक्टिव रह सकता है।
24 घंटे में कैसा रहा मौसम
भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी का असर रहा। कुछ जगहों पर लोकल सिस्टम की वजह से हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बाकी जिलों में गर्मी और उमस का असर देखने को मिला।
ग्वालियर में तापमान 37.4 डिग्री तक पहुंच गया। सीजन में पहली बार ग्वालियर में दिन का तापमान इतना अधिक रहा। दमोह, रीवा, सतना, सीधी, खजुराहो, टीकमगढ़ में पारा 36 डिग्री के पार रहा। उज्जैन, शिवपुरी, गुना, मंडला, जबलपुर में तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, उमरिया, मलाजखंड, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर और श्योपुरकलां में तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक रहा।












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