उपमुख्यमंत्री ने किया हलके का दौरा, बोले- मजबूती से आगे भी चलेगा जजपा-भाजपा का गठबंधन
दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता में जजपा-भाजपा गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि प्रदेश में तीन साल से अधिक समय से दोनों पार्टियों का गठबंधन चल रहा है।

हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला उचाना हलके के एक दिवसीय दौरे के तहत विभिन्न गांवों में पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। रविवार को खेड़ी मंसानिया, सेढा माजरा, दरोली, सुरबरा, भगवानपुरा, मंगलपुर गांव के दौरे किए। दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता में जजपा-भाजपा गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि प्रदेश में तीन साल से अधिक समय से दोनों पार्टियों का गठबंधन चल रहा है। हम मजबूती से साथ चल रहे हैं और आगे भी साथ चलेंगे। मजबूती से आगे भी ऐसे ही गठबंधन चलता रहेगा।
कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा पर डिप्टी सीएम ने कहा कि जिस संगठन में तुड़ाव हो वो भारत जोड़ने की बात करें तो बड़ी चिंता का विषय है। पहले उन्हें अपने संगठन को जोड़ना चाहिए फिर भारत जोड़ों की बात करनी चाहिए।
उचाना कलां का नया बाईपास बनने से होगा फायदा
दुष्यंत ने कहा कि एनएचआई द्वारा उचाना कलां का जो नया बाईपास प्रपोज किया है, उसके बनने के बाद वाहन चालकों को फायदा होगा। रेलवे लाइन पर बड़ा फ्लाईओवर बनने से लाइनपार आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी नहीं होगी। जहां तक गांव के विकास की बात है। अब गांव की छोटी सरकार बन चुकी है। ब्लॉक समिति, जिला परिषद, सरपंच सभी के चुनाव हो चुके हैं। अब ग्राम विकास के कार्यों में गति पहले से बढ़ाई जाएगी। मनरेगा का फंड हो, चाहे पंचायत का, उससे विकास कार्य करवाए जाएंगे।
काकड़ोद में ब्लॉक समिति सदस्य जोगिंद्र के भतीजे, पुरानी मंडी में ओमदत्त शर्मा के पिता, घोघड़िया गांव में जोगिंद्र के छह साल के बेटे के निधन पर डिप्टी सीएम शोक प्रकट करने पहुंचे। इस अवसर पर राजेंद्र लितानी, कृष्ण राठी, प्रो. जगदीश सिहाग, विश्ववीर नंबरदार, जोरा डूूमरखां, शमशेर नगूरां, यशपाल बुडायन, दिनेश सुदकैन, कपिल खरकभूरा, अनिल शर्मा, नसीब घसो मौजूद रहे।
प्रदेश में बीपीएल राशन कार्डों की संख्या बढ़कर हुई 31 लाख
डिप्टी सीएम ने कहा कि बीते तीन सालों में कोरोना और किसान आंदोलन का दौर रहा। इस दौरान कई ऐसे कदम उठाए गए, जिसका लाभ आम आदमी, गरीब आदमी को मिला। सबसे पहला फैसला किसान को फसल बेचने के बाद उसकी पेमेंट किसान के खाते में आना रहा। शुरुआत में कुछ विरोध हुआ लेकिन अब किसान की फसल बिकने के 72 घंटे के बाद किसान के खाते में फसल की पेमेंट आने से किसान खुश हैं।
ऐसे ही परिवार पहचानपत्र को राशन कार्ड से जोड़ने के बाद जरूर काफी पीले राशन कार्ड आय अधिक होने पर कटे। ऐसे लोग पीला राशन कार्ड बनवाए हुए थे, जिनके परिवार में सरकारी नौकरी तक लगी हुई थी। इस फैसले के बाद प्रदेश में पीले राशन कार्ड कम नहीं हुए, बल्कि बढ़े हैं।
27 लाख परिवारों के पहले पीले राशन कार्ड थे तो अब बढ़कर 31 लाख हो चुके हैं। ऐसे ही आयुष्मान कार्ड एक लाख 80 हजार रुपये से कम आय वालों के बन रहे हैं। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद अगर परिवार का सदस्य बीमार हो जाता है तो उसका पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार देश के किसी भी अस्पताल में करवाया जा सकता है।












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