झारखंड: मंत्री और विधायकों ने प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यपाल से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की

मुख्यमंत्री को विधायक पद से अयोग्य ठहराने की चर्चाओं के बीच रविवार को पहली बार महागठबंधन के मंत्री और विधायकों ने प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यपाल से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कहा कि इच्छा है तो धारा-356 का इस्तेमाल

रांची,29 अगस्त:मुख्यमंत्री को विधायक पद से अयोग्य ठहराने की चर्चाओं के बीच रविवार को पहली बार महागठबंधन के मंत्री और विधायकों ने प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यपाल से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कहा कि इच्छा है तो धारा-356 का इस्तेमाल कर सरकार को बेदखल कर दें। महागठबंधन 24 घंटे में जवाब देगा और संवैधानिक ताकत के साथ खड़ा होगा। यूपीए नेताओं ने इस दौरान भाजपा की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

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सीएम आवास में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9 (ए) के अंतर्गत आज तक देश में किसी विधायक को अयोग्य करने का मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, मुख्यमंत्री को अयोग्य ठहराए जाने की बात को हवा दी जा रही है। आखिर सीएम के साथ संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है। क्या कारण है कि चुनाव आयोग के पत्र पर राज्यपाल ने अबतक फैसला नहीं दिया। ऐसी क्या कानूनी सलाह है जो वो नहीं ले पा रहे? चंपई ने सवाल उठाया कि क्या समय काट कर विधायकों की खरीद-फरोख्त को हवा दी जा रही है।

बन्ना ने सांसद निशिकांत को घेरा

वहीं इसी प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गोड्डा से भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे को घेरा। कहा-क्या वह चौकीदार हैं? संवैधानिक संस्थाओं का निर्णय समय से पहले इन्हें मिल जाता है। वह भविष्यवक्ता हैं क्या? बन्ना ने आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनावश्यक रूप से सरकार को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। साथ ही कई सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से हम जानना चाहते हैं कि अगर चुनाव आयोग का कोई निर्णय आया है तो वह सार्वजनिक क्यों नहीं हो रहा। जो निर्णय करना है तुरंत करें हम 24 घंटे में जवाब देने के लिए तैयार हैं। हम सीधे सरल भी हैं और उलगुलान भी करना जानते हैं।

बसंत पर सुनवाई आज

भारत निर्वाचन आयोग खनन कंपनी में साझेदारी से जुड़े झामुमो विधायक बसंत सोरेन के मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा। आयोग में इस मामले में 22 अगस्त को सुनवाई तय थी पर वकील की अनुपलब्धता के कारण सुनवाई 29 अगस्त को तय कर दी गई। बता दें कि 12 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले को लेकर हुई लंबी बहस के कारण बसंत के मामले में सुनवाई नहीं हो सकी थी।

दिखाई एकजुटता

प्रेसवार्ता के दौरान भी महागठबंधन ने अपनी एकजुटता दिखाई। इस प्रेस कांफ्रेंस में झामुमो की तरफ से मंत्री चंपई सोरेन, स्टीफन मरांडी, लोबिन हेम्ब्रम, मथुरा महतो, सरफराज अहमद रहे तो कांग्रेस की ओर से मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक दीपिका पांडेय सिंह, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह, कुमार जयमंगल व राजद की ओर से मंत्री सत्यानंद भोक्ता उपस्थित रहे।

अविनाश पांडेय से सोरेन ने की मुलाकात

स्टेट गेस्ट हाउस रविवार को सीएम आवास के बाद राजनीति का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद गेस्ट हाउस पहुंचे व कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय से मुलाकात की। बंद कमरे में दोनों के बीच 55 मिनट तक बातचीत हुई। हालांकि इसपर न सीएम ने कुछ कहा न कांग्रेस प्रभारी ने। इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि महागठबंधन में जो संशय थे, उसे इस दौरान दूर किया गया।

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