'ढिबरा उद्योग पर सरकार जल्द ला सकती है कानून', कोडरमा में बोले सीएम हेमंत सोरेन

Jharkhand बने 20 साल से अधिक हो गया मगर यहां कौन मूलवासी है इसकी पहचान नहीं हो सकी थे। इसके कारण ही यहां के मूल वासियों को हक और अधिकार अब तक नहीं मिल सका और राज्य में लूट खसोट होती रही। यह बातें राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को दूसरे चरण के खतियान जोहार यात्रा की कोडरमा के बागीटांड़ स्टेडियम में शुरुआत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि झारखंड के मूल वासियों की पहचान दिलाने के लिए ही उनकी सरकार ने 1932 का खतियान लागू किया है। ताकि यहां के लोगों को उनका हक और अधिकार दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों के लोगों की पहचान के लिए वहां की सरकारों ने कानून बनाया है। मगर दुर्भाग्य से अब तक झारखंड राज्य में झारखंडयों की पहचान करने व दिलाने का प्रयास नहीं किया गया।
पूर्व की सरकारों ने इसके बजाय यहां के लोगों को लड़ाने और उनके अधिकारों को जेब में डालकर रखने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। हमने राज्य में जो खतियानी है वही झारखंडी है का कानून बनाया है। ताकि यहां के नौकरियों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 वर्षों तक सत्ता में रहने वाले भाजपा ने एक और जहां देश स्तर पर गुजरात व महाराष्ट्र जैसे राज्यों को आगे बढ़ाया वहीं झारखंड को 18 सालों में सबसे पीछे धकेल दिया। भाजपा ने षड्यंत्र के तहत यहां के लोगों के हक और अधिकार को मारते हुए यहां लगे बड़े-बड़े कल कारखानों को बेच दिया।
कोडरमा का यह हाल पूर्व सरकार की देन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज की पूर्व की भाजपा सरकार के कारण ही आज कोडरमा का यह हाल बना हुआ है। जो जिला अपनी अभ्रक की पहचान के लिए पूरे देश में जाना जाता था। उसकी हाल पिछले 18 वर्षों में इस कदर कर दी गई है कि यहां के लोग भूखे मरने को विवश हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ ना गरीबों के हितों का ख्याल कर रहे हैं बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिए भी पुरानी पेंशन योजना लागू की है। ऐसा करने वाला झारखंड पूरे देश का पहला राज्य है।
मौके पर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पूर्व में भाजपा महंगाई को डायन बताकर छाती फाड़ फाड़ कर चिल्लाती थी। मगर आज उसे महंगाई भौजाई नजर आ रहा है। भाजपा ने देश स्तर पर रेलवे से लेकर कई महत्वपूर्ण सरकारी उपक्रमों को बेच डाला है। ₹5 का रेलवे टिकट लोगों को ₹50 में बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश को व्यापारी के नजरिए से देख रही है। गरीब जनता का कोई ख्याल नहीं है। हम चाहते हैं कि केंद्र से हमें पर्याप्त अनुदान मिले ताकि राज्य का समुचित विकास हो सके।
गरीबों के चेहरे पर मुस्कान देखना चाहते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही ऐसा कानून बनाने जा रही है कि गरीब गुरबों पर कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही इलाके में ढिबरा का उद्योग एक बार फिर पुनर्जीवित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम गरीबों के चेहरे पर मुस्कान देखना चाहते हैं इसी के लिए हमने कई कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की है। उन्होंने कहा कि जिले में बंद पड़े खदानों के एक्सटेंशन पर भी सरकार गंभीरता पूर्वक विचार करेगी ।
पैसा देने पर भी केंद्र नहीं दे रहा है अनाज
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य के 11 ब्लॉक गरीबों का राशन कार्ड रद्द कर दिया था। मगर हमने अब तक 20,000 गरीबों को ग्रीन कार्ड उपलब्ध कराकर राशन देना सुनिश्चित किया है। केंद्र सरकार हमें गरीबों को उपलब्ध कराने के लिए पैसा देने पर भी चावल नहीं दे रही है। इससे हमें बाजार से चावल खरीदनी पड़ी है।
अब छत्तीसगढ़िया का राज नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में झारखंड में छत्तीसगढ़िया लोग राज्य कर रहे थे। लेकिन अब झारखंड में झारखंडी लोग राज्य करेंगे और राज्य को आगे ले जाएंगे। यह लोग यहां की भाषा और संस्कृति को क्या समझ पाएंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को राज्य की जनता का अभिवादन जोहार से करने का निर्देश दिया है। मौके पर राज्य के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि हेमंत सरकार राज्य के मूल वासियों को एक नई पहचान देने की कोशिश की है। मगर विपक्षी दल भाजपा को यह नहीं पच रहा है। सरकार को लगातार अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। वही मौके पर कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि बीजेपी चिल्लाते रहे सरकार अपना काम करती रहेगी।












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