गुजरात: वेतन वृद्धि के लिए पुलिसवालों को अब नहीं देना होगा अंडरटेकिंग लेटर, विरोध बढ़ने पर हुआ ऐलान

गांधीनगर। गुजरात भाजपा प्रदेशाध्‍यक्ष चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल (C.R. Patil) ने आज पुलिसकर्मियों की वेतन वृद्धि के बारे में बड़ा ऐलान किया। सत्‍तारूढ़ भाजपा के प्रदेशाध्‍यक्ष ने कहा कि, पुलिसकर्मियों को वेतन वृद्धि के लिए अब अंडरटेकिंग लेटर नहीं देना होगा। दरअसल, वेतन वृद्धि पाने के लिए निर्धारित वेतन एलआरडी समेत पुलिस बल में तृतीय श्रेणी कर्मियों के शपथ पत्र पर हस्ताक्षर को लेकर भाग-दौड़ मची हुई है। बहुत-से पुलिसकर्मी हलफनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हैं।

'पुलिसकर्मियों को नहीं देना होगा अंडरटेकिंग लेटर'

'पुलिसकर्मियों को नहीं देना होगा अंडरटेकिंग लेटर'

जानकारी के मुताबिक, पुलिस महकमे का एक बड़ा वर्ग इसका विरोध कर रहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ ऐसी नीति क्यों अपनाई जा रही है। कच्छ में पुलिसकर्मियों में नाराजगी अधिक दिख रही है, जहां 90% कर्मियों ने हस्ताक्षर नहीं कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। आईपीएस के दबाव के बावजूद 3 दिन से पुलिसकर्मियों ने अंडरटेकिंग लेटर साइन नहीं किया। यह विरोध बढ़ने के दरम्‍यान आज गुजरात में सी.आर. पाटिल ने कहा कि, अब पुलिसकर्मियों को वेतन वृद्धि के लिए अंडरटेकिंग लेटर नहीं देना होगा।

पुलिसकर्मियों ने अंडरटेकिंग फॉर्म भरने से इनकार कर दिया

पुलिसकर्मियों ने अंडरटेकिंग फॉर्म भरने से इनकार कर दिया

एक रिपोर्ट में बताया गया कि, अनुशासन के नाम पर अब तक लगभग 50 प्रतिशत पुलिस कर्मियों को रोल-कॉल और दमन के अन्य रूपों के माध्यम से उच्च अधिकारियों द्वारा बमुश्किल प्रशिक्षित किया गया है। पुलिस विभाग में कार्य करते हुए पुलिस आयुक्त दर क्षेत्रों में कुछ डी स्टाफ पुलिस कर्मियों, लेखकों और पुलिस अधिकारियों के चम्मच के साथ-साथ आईपीएस अधिकारियों ने भी फर्जी नीति अपनाकर 50% पुलिस कर्मियों की गारंटी के तहत फार्म भरे हैं। हालांकि, दूसरी ओर रेलवे और साइड पोस्टिंग में काम करने वाले पुलिस कर्मियों और एजेंसियों में काम करने वाले पुलिस कर्मियों ने अंडरटेकिंग फॉर्म भरने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे पुलिस विभाग में ही फूट पड़ गई है।
हालांकि, अब गारंटी पत्र में फार्म नहीं भरने वाले कर्मचारियों को अनुशासन के नाम पर मुख्यालय में फार्म भरने को मजबूर किया जा रहा है।

'हलफनामा सौंपने का निर्णय पूरी तरह से गलत'

'हलफनामा सौंपने का निर्णय पूरी तरह से गलत'

कहा जा रहा है कि, केवल पुलिस को हलफनामा सौंपने का निर्णय गलत है। एक पुलिस अधिकारी का मासिक वेतन लगभग 30 हजार रुपये है और उसे प्रोत्साहन के हिस्से के रूप में प्रति माह 4,500 रुपये दिए जाएंगे। जिसमें से ग्रेड पे और अन्य महंगाई भत्ते भी सरकार द्वारा दिए जाएंगे। हालांकि, जब राशि को बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है तो कुछ अधिकारी कह रहे हैं कि कोई वृद्धि या महंगाई भत्ता नहीं दिया जाएगा। इससे पता चला है कि पुलिसकर्मियों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई है। हालांकि, कुछ पुलिस कर्मियों का मानना ​​है कि केवल पुलिस को हलफनामा सौंपने का निर्णय पूरी तरह से गलत है।

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