सरकार के प्रयासों का दिखा असर, सबसे कम मातृ मृत्यु दर वाले शीर्ष तीन राज्यों में तेलंगाना
हरीश राव ने कहा, 'कुछ महीनों में हम गांधी अस्पताल में 250 बिस्तरों वाला एमसीएच केंद्र और निम्स अस्पताल में 200 बिस्तरों वाला एक और केंद्र जोड़ेंगे।

तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों में मातृ मृत्यु को रोकने के उद्देश्य से किए गए उपायों का असर दिखने लगा है। इसी का परिणाम है कि सबसे कम मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) वाले शीर्ष तीन भारतीय राज्यों में तेलंगाना भी शामिल है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी हरीश राव ने सोमवार को कहा कि इसके बावजूद गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार की तरफ से किए जा रहे सुधार जारी रहेंगे।
सोमवार को सरकारी प्रसूति अस्पताल, पेटलाबुर्ज में 'संक्रमण की रोकथाम, शुरुआती जांच और प्रबंधन कार्यक्रम' पर एक सीएमई के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए, हरीश राव ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान, विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) के उद्देश्य से उठाए गए सरकार के उपायों के बारे में बताया।
हरीश राव ने कहा, 'कुछ महीनों में हम गांधी अस्पताल में 250 बिस्तरों वाला एमसीएच केंद्र और निम्स अस्पताल में 200 बिस्तरों वाला एक और केंद्र जोड़ेंगे। केसीआर किट, मिडवाइफरी पहल, अम्मा वोडी योजना और गर्भवती महिलाओं को पोषण किट जैसी पहल ने एक लाख जीवित जन्मों पर एमएमआर को 43 मातृ मृत्यु तक कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है।'
हरीश राव ने आगे कहा, 'अस्पतालों में होने वाले प्रसव 30 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गए हैं। आने वाले हफ्तों में 1,400 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी, जो सरकारी अस्पतालों, विशेष रूप से प्रसूति अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार करेंगी।'












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