G20: डिप्टी सीएम सिसोदिया ने केंद्र से मांगा फंड, 1000 करोड़ आयोजन पर होंगे खर्च

देशभर में जी-20 देशों की बैठकें आयोजित करने के लिए तैयारियां चल रही हैं। जी-20 की बैठक से जुड़े आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी होने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक की थी जहां जी-20 बैठक से जुड़े आयोजन होने हैं। अब अधिकारियों ने बताया है कि जी-20 शिखर सम्मेलन और अन्य संबंधित तैयारियों पर दिल्ली सरकार की एजेंसियों की ओर से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियो ने कहा है कि आने वाले महीनों में ये पैसा नागरिकों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, सौंदर्यीकरण के कार्य और अलग-अलग विभागों की ओर से इसी तरह की अन्य तैयारियों पर 1084 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे लेकर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है। दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार से जी-20 की तैयारियों के लिए पैसा देने की मांग की है।
दिल्ली में जी-20 की मुख्य समिट के साथ ही इससे संबंधित सात अन्य आयोजन भी होने हैं जिनकी शुरुआत मार्च महीने में होगी। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस महीने की शुरुआत में केंद्र को पत्र लिखकर जी-20 समिट से जुड़ी तैयारियों और विकास योजनाओं के लिए 927 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा था। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली सरकार के 26 विभागों के साथ ही केंद्रीय एजेंसियां जी-20 समिट की तैयारियों में जुटी हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली नगर निगम (MCD) और एनडीएमसी मुख्य रूप से नागरिकों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और सौंदर्यीकरण के कार्य करा रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इन कार्यों पर पीडब्ल्यूडी की ओर से 448, एमसीडी की ओर से 249 और एनडीएमसी की ओर से 78 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।
सड़कों की भी होगी मरम्मत
दिल्ली में जी-20 समिट के लिए तैयारियों में सड़कों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण भी शामिल है। जी-20 समिट के लिए सड़कों और फुटपॉथ की मरम्मत, प्रमुख सड़कों पर गोल चक्कर का सौंदर्यीकरण, प्रकाश की व्यवस्था के लिए एलईडी लाइट्स लगाए जाने हैं। इसके साथ ही बागवानी और आगंतुकों के लिए इलेक्ट्रिक बसों का इंतजाम करने की भी योजना है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक जी-20 समिट को लेकर केंद्र शासित प्रदेश का पर्यटन विभाग भी एक्टिव मोड में है। पर्यटन विभाग ने इसे लेकर कई आयोजन करने की भी योजना बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक पर्यटन विभाग की ओर से विविध आयोजनों पर करीब 72 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।












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