किसानों को अब 6 हजार की बजाय 7500 रुपये मुआवजा
सीएम ने कहा कि तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए तालाब प्राधिकरण बनाया है। अब तक 1762 तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जलभराव के कारण बुआई न होने पर दी जाने वाली मुआवजे की राशि 6 हजार से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रति एकड़ की है। जो किसान ईंट-भट्टा लगाने तथा किसी निर्माण कार्यों के लिए वाणिज्य लाभ के लिए खेत की मिट्टी का उठान करवाते हैं और जलभराव होता है, उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। ऐसे किसानों को मत्स्य पालन की ओर बढ़ने की सलाह भी मुख्यमंत्री ने दी है।
वे बुधवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जवाब दे रहे थे। सीएम ने कहा कि तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए तालाब प्राधिकरण बनाया है। अब तक 1762 तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ है। 663 का कार्य पूरा भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो आशा वर्कर्स पंचायतों में चुन कर आई हैं, उनके इस्तीफे का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
यदि गरीब परिवार के बच्चे की निजी स्कूल में पढ़ने की इच्छा है तो सरकार 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले ऐसे परिवारों के बच्चों की फीस वहन कर रही है। इसके लिए अलग से योजना बनाई है।
बेरी विधायक डॉ़ रघुबीर सिंह कादियान द्वारा उनके यहां कन्या महाविद्यालय खोलने की मांग पर कहा कि पूर्व की सरकार ने झज्जर जिला में सबसे अधिक कॉलेज खोले। पंडित भगवत दयाल शर्मा के नाम पर अगर कहीं और शिक्षण संस्थान खोलने या नाम रखने का सुझाव आता है तो सरकार उसे स्वीकार करेगी।
कर्ज के मुद्दे पर पूर्व सीएम को घेरा :
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा राज्य सरकार पर अधिक कर्ज होने के गलत बयान देने पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का बयान तथ्यों से परे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कैग की 2021-22 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि राज्य पर 4,15,000 करोड़ रुपये से अधिका का कर्ज है। वास्तविकता यह है कि कैग की रिपोर्ट में 2021-22 में हरियाणा पर कर्ज की राशि 2,39,000 करोड़ रुपये दिखाई गई है। हरियाणा सरकार की अकाउंट बुक्स में 2,27,697 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज है। यदि इस राशि का अंतर भी निकाला जाए तो केवल 12 हजार करोड़ रुपये की ही अंतर दिखता है। किसी भी लिहाज से राज्य पर 4,15,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है।
पंचायतें ही निपटाएंगी विकास कार्यों की फाइलें
सीएम ने कहा कि गांव में विकास कार्यों से संबंधित फाइलें अब पंचायत स्तर पर ही निपटाई जाएंगी, जिससे जल्दी काम हों और पारदर्शिता आए। मुख्यमंत्री बुधवार को यहां विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि मेडलिस्ट और प्रतिभावान खिलाड़ियों को ग्रुप-सी की कुल भर्तियों का तीन प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इन खिलाड़ियों को नौकरी केवल खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस समेत चार विभागों में दी जाएंगी ताकि उनकी खेल प्रतिभा का सदुपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों को नववर्ष 2023 की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा, उनकी सरकार लोकतंत्र के सभी पैमानों पर खरी उतर रही है। हुड्डा द्वारा उठाए गए एक मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आंकड़ों की गलत बयानबाजी से प्रदेश की छवि धूमिल होती है, ऐसी गलत बयानी से बचना चाहिए। इस अवसर पर सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव व सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल भी उपस्थित थे।












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