हरियाणा में 1 अक्टूबर से खुलेगा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल, कपास की फसल में हुए नुकसान का ब्यौरा देंगे किसान
Haryana Govt: कपास की फसल में हुए नुकसान का ब्यौरा दर्ज करने के लिए हरियाणा में 1 अक्टूबर से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाएगा। इस बात की जानकारी खुद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने दी है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल को भी अगले 3 दिनों में तुरंत प्रभाव से खोलने का निर्णय लिया गया है।
दरअसल, कृषि एवं किसन कल्याणा मंत्री जेपी दलाल बुधवार 27 सितंबर को कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान कृषि एंव राजस्व विभाग के अधिकारियों को उन्होंने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 1 अक्तूबर से खोलने के निर्देश दिए, ताकि किसान अपनी कपास की फसल में हुए नुकसान का ब्यौरा इस पोर्टल पर दर्ज करा सकें।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कपास फसल के नुकसान का आंकलन करते हुए रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। ताकि राजस्व विभाग द्वारा फसल में हुए नुकसान पर वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके। कृषि मंत्री ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कपास में गुलाबी सुंडी के प्रकोप से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर गांव में कपास फसल कटाई प्रयोगों को दोगुना करते हुए 4 से 8 करने के भी निर्देश दिए।
साथ ही, वीडियोग्राफी करने के लिए भी कहा। ताकि नुकसान का सटीक आंकलन किया जा सके। इस दौरान बैठक में बताया गया कि राज्य में कलस्टर-2 के अधीन जिला अम्बाला, करनाल, सोनीपत, हिसार, जीन्द, महेंद्रगढ़ व गुरुग्राम में जिन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा नहीं हुआ उनके लिए राज्य सरकार द्वारा कलस्टर-2 हेतू हरियाणा फसल सुरक्षा योजना को कपास फसल के लिए शुरु किया है।
इसके तहत किसान 30 सितम्बर 2023 तक कृषि विभाग की बेवसाइट पर अपनी कपास की फसल का पंजीकरण मामूली शुल्क अदा कर फसल को सुरक्षित कर सकते हैं।












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