दिल्लीः सौरभ भारद्वाज बोले, 16 हजार गेस्ट टीचर, कागजात और अकाउंट सही निकले

सौरभ भारद्वाज ने कहा, एलजी कार्यालय को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिल्ली वालों को यह बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलजी ने सरकारी स्कूलों के गेस्ट टीचर को घोस्ट टीचर बताते हुए बिना पढ़ाए सैलरी लेने का आरोप लगाया था।

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सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 16 हजार गेस्ट टीचर की उपस्थिति, कागजात व अकाउंट सही निकले। यह सच्चाई एलजी द्वारा बैठाई गई जांच समिति ही सामने लेकर आई है। सोमवार को आम आदमी पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने यह जानकारी दी।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी कार्यालय को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिल्ली वालों को यह बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलजी ने सरकारी स्कूलों के गेस्ट टीचर को घोस्ट टीचर बताते हुए बिना पढ़ाए सैलरी लेने का आरोप लगाया था। सौरभ भारद्वाज ने नसीहत दी है कि एलजी लोगों के हित में सकारात्मक कदम उठाएं और झूठी व सनसनीखेज खबरें देने से बचें। जांच के डर से अफसर जनहित में फैसले नहीं ले पा रहे हैं। एलजी का हर काम में जांच बैठाने का एकमात्र उद्देश्य दिल्ली सरकार के अच्छे कामों को रोकना है। यह सरासर नाइंसाफी है।

जांच कमेटी ने गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति को बताया पारदर्शी: आतिशी
नई दिल्ली। आप विधायक आतिशी ने दावा किया कि उपराज्यपाल की बनाई जांच कमेटी ने दिल्ली सरकार की ईमानदारी पर मुहर लगा दी है। कमेटी ने गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति को पूरी तरह से पारदर्शी बताया है। गेस्ट टीचर्स की जांच रिपोर्ट से सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के काम की ईमानदारी साबित हुई है। आतिशी ने कहा कि समिति की जांच रिपोर्ट से साफ है कि एलजी का काम सिर्फ केजरीवाल सरकार के कामों को रोकना है।

अतिथि शिक्षकों के मामले में नहीं मिली गड़बड़ी
दिल्ली सरकार ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती में धांधली के आरोपों को निराधार बताया है। सरकार का कहना है कि अतिथि शिक्षकों के मामले में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। 16500 अतिथि शिक्षकों की जांच कराई गई है,मगर कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। सरकार ने 109 शिक्षकों के दस्तावेज पूरे नहीं होने पर उन्हें समय दिया है। सरकार ने उपराज्यपाल से अपील की है कि वह दिल्ली सरकार के कामों में बाधा ना डालें। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया था कि दिल्ली में अतिथि शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता हुई है।

इस पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री राजकुमार आनंद ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जांच में उपराज्यपाल के आरोप पूरी तरह से गलत साबित हुए हैं। आनंद ने कहा कि इस मामले में उपराज्यपाल ने जांच कराई। अभी उस जांच की रिपोर्ट आई है जिसने ये साबित कर दिया है कि उपराज्यपाल का आरोप निराधार है। जांच में साफ किया गया है कि जो अतिथि शिक्षक नियुक्त हैं वो न सिर्फ योग्य हैं बल्कि उनकी प्रतिदिन उपस्थिति बायोमेट्रिक द्वारा ऑनलाइन ली जाती है। इस जांच में स्कूलों में कार्यरत 16,600 गेस्ट टीचर्स के दस्तावेजों की जांच की।

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