दिल्ली सरकार टिन शेड वाले स्कूलों का कर रही कायापलट, जानिए सीएम अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
टिन शेड वाले स्कूलों को भी दिल्ली में अब केजरीवाल सरकार भवन उपलब्ध करा रही है। बिजनेस ब्लास्टर्स और आंत्रप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के जरिए इस योजना को गति दी जा रही है।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के उत्तम नगर में सोमवार को गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया। 37 साल पहले बने इस स्कूल को टिन-वाले के नाम से जानते हैं। इसमें करीब 1600 छात्राएं छठीं से 12वीं तक शिक्षा ले रही हैं। ढाई साल में बनकर तैयार हुआ नया स्कूल भवन में लिफ्ट सहित सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ 104 कक्षाएं हैं। हर मंजिल पर शौचालय ब्लॉक और लिफ्ट भी लगी है। साथ ही, 250 लोगों के बैठने की क्षमता का एक बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम भी है।
भवन के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल की नई और शानदार बिल्डिंग किसी भी प्राइवेट स्कूल को मात दे रही है। शिक्षा में हो रहे काम को हम रुकने नहीं देंगे। 1985 में बने इस स्कूल को बने 37 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इस बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकारें बनीं, लेकिन किसी के राजनीतिक एजेंडे स्कूल अहमियत नहीं रखते थे। आप सरकार सारे टिन शेड वाले स्कूलों को शानदार बनाएगी। इन स्कूलों में पढ़कर बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

एमसीडी के स्कूलों को भी करेंगे ठीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दिल्ली नगर निगम की जिम्मेदारी भी सौंपी है। अब हमें नगर निगम के भी 1800 स्कूलों को ठीक करना है। इन स्कूलों में बच्चे 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई करते हैं और फिर 6वीं कक्षा में दिल्ली सरकार के स्कूलों में आते हैं। जब ये बच्चे 6वीं कक्षा में आते हैं तो शिक्षकों को भी इन्हें पढ़ाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती हैं, ताकि वे सही ट्रैक पर आ सकें। मगर हम चाहते हैं कि सभी बच्चों की नर्सरी और केजी कक्षा से ही अच्छी नींव बननी शुरू हो। इसलिए अब हम एमसीडी के स्कूलों को भी ठीक करेंगे।
देंगे करियर बनाने पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बच्चों के करियर बनाने पर ध्यान देंगे। इसके लिए हमने बिजनेस ब्लास्टर्स और आंत्रप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शुरू किया है। यह बच्चों को योग्य बनाने की दिशा में एक कदम है। अब हमें 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी कर निकलने वाले एक-एक बच्चे पर ध्यान देना है। हमें उनके कॅरिअर के ऊपर ध्यान देना कि वो आगे जाकर क्या काम कर सकते हैं। इसे कॉलेज में भी शुरू करने जा रहे हैं।
बनाए 20 हजार कमरे
शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि 1947 से 2015 तक दिल्ली में कुल मिलाकर 24 हजार क्लास रूम बच्चों के पढ़ने के लिए बने है। लेकिन 2015 के बाद मात्र आठ साल में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की लीडरशिप में 20 हजार नए कमरे बने है।












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