ओमिक्रॉन को लेकर तैयार केजरीवाल! जानिए कैसी है दिल्ली सरकार की तैयारी?
नई दिल्ली, 21 दिसंबर: दिल्ली में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को लेकर अब दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियों को और रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। सरकार आने वाले दिनों में हेल्थ सिस्टम और इन्फ्रांस्ट्रक्चर से जुड़े कई और बड़े अहम फैसले लेने जा रही है। कोविड-19 (Covid-19) मैनेजमेंट से जुड़ी उन सभी गतिविधियों को वार लेवल पर शुरू करने जा रही है, जिनको हालात सुधरने के बाद साइड में कर दिया गया था।

कोविड हेल्पलाइन नंबर 1031, होम आइसोलेशन को मजबूत बनाने, हेल्थ असिस्टेंट को ट्रेंड करने और बेड्स, दवाइयों और ऑक्सीजन की पर्याप्त सुविधा इन सभी पर फिर से जोर शोर से काम करने की तैयारी में है। वैक्सीनेशन को लेकर भी बड़ा कदम उठाएगी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि ओमिक्रॉन से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बेड व ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था कर ली है और किसी भी तरह की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं अब इससे सख्ती से निपटने के लिए यह भी फैसला लिया गया है कि दिल्ली में अभी तक एयरपोर्ट पर लोगों की जीनोम जांच की जा रही थी, लेकिन अब सभी पॉजिटिव मामलों की जीनोम जांच की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, तो कौन से केस बढ़ रहे हैं?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इससे निपटने के लिए होम आइसोलेशन प्रोग्राम को और अधिक मजबूत करने और अच्छे से प्रबंधन के लिए 23 दिसंबर को एक अहम बैठक भी बुलाई गई है। केंद्र सरकार से निवेदन भी किया है कि जो लोग दोनों डोज ले चुके हैं, उनको बूस्टर डोज देने की इजाजत दी जाए, ताकि लोग और सुरक्षित हो सकें।
इस बीच देखा जाए तो एक्सपर्ट का मानना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट बहुत ज्यादा तेजी से फैलता है, लेकिन इसके लक्षण बहुत ही हल्के होते हैं। इसमें हल्का बुखार होता है और बहुत कम मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इसके अलावा, इसमें मौत के भी बहुत कम संभावना है। इसलिए इससे घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इसके लक्षण बहुत हल्के हैं। सरकार का कहना है कि अगर आपको अस्पतालों और दवाइयों की जरूरत भी पड़ेगी, तो दिल्ली सरकार ने सारे इंतजाम कर रही है। अस्पताल में बेड भी मिलेंगे और ऑक्सीजन की भी हमने पूरी व्यवस्था कर ली है। हम किसी तरह की कोई कमी नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि शायद इसमें हमें सबसे ज्यादा होम आइसोलेशन की जरूरत पड़ेगी। होम आइसोलेशन के प्रोग्राम को और सुदृढ़ किया जाएगा, क्योंकि अधिकांश मरीज घर के अंदर ही ठीक होंगे। इस पर 23 दिसंबर को एक अहम बैठक की जाएगी।
हर रोज बढ़ने वाले मामलों ने बढ़ाई चिंता
इस बीच देखा जाए तो दिल्ली में लगातार कोरोना के केस पिछले कुछ दिनों से बढ़ने लगे हैं। इससे पहले हर रोज 15 से 20 केस आ रहे थे, लेकिन अब इनका आंकड़ा 100 के पार होने लगा है। अब सरकार इस तरह के केसेज का पता लगाने का प्रयास करेगी कि आखिर ये कौन से हैं? क्या यह ओमिक्रॉन है या यह पुराना वाला वायरस है या नए वाला वायरस है? अभी तक केवल एयरपोर्ट पर जो लोग आ रहे थे, उनकी जांच की जा रही थी। अब यह तय किया है कि जितने भी पॉजिटिव केस दिल्ली के अंदर निकलेंगे, उन सभी की जिनोम टेस्टिंग करवाएगी जाएगी।
जिनोम टेस्टिंग से पता चल सकेगा कि उस व्यक्ति में कोरोना है, तो कौन सा वाला कोरोना है? उसमें डेल्टा वाला कोरोना है या ओमिक्रॉन वाला कोरोना है। इससे पता चलेगा कि दिल्ली के अंदर कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, तो यह कौन से केस बढ़ रहे हैं।
दिल्लीवालों से मास्क पहनने की अपील
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह मास्क पहनना नहीं छोड़ें। आजकल देखा जा रहा है कि मार्केट या कहीं भी जाते हैं, तो मास्क पहनना बंद कर दिया है। दिल्ली में रहने वाले सभी लोगों से हाथ जोड़कर अपील करते हैं कि सभी लोग दोबारा मास्क पहनना शुरू कर दीजिए।












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